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डिमेंशिया से बचाव के लिए डाइट में शामिल करें ये जरूरी पोषक तत्व

Kanchan Paikara
10 Jun 2026 3:25 PM IST
डिमेंशिया से बचाव के लिए डाइट में शामिल करें ये जरूरी पोषक तत्व
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अच्छे स्वास्थ्य के लिए शरीर में विटामिन्स का होना कितना जरूरी है,

Lifestyle लाइफस्टाइल : हम सभी जानते हैं कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए शरीर में विटामिन्स का संतुलित होना कितना जरूरी है। विटामिन्स न केवल शरीर को ऊर्जा देते हैं, बल्कि मस्तिष्क और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनकी कमी से सिर्फ शारीरिक समस्याएं ही नहीं, बल्कि गंभीर मानसिक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है?

हाल ही में सामने आई एक नई रिसर्च में यह बात कही गई है कि शरीर में कुछ खास विटामिन्स की कमी होने पर डिमेंशिया (Dementia) जैसी मानसिक बीमारी का जोखिम बढ़ सकता है। डिमेंशिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति की याददाश्त कमजोर होने लगती है और सोचने-समझने की क्षमता धीरे-धीरे प्रभावित होती है।

रिसर्च के अनुसार, खासतौर पर विटामिन B12, विटामिन D, विटामिन B6 और विटामिन E की कमी मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती है। ये विटामिन्स नर्वस सिस्टम को मजबूत रखने और दिमाग की कोशिकाओं को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। जब शरीर में इनकी कमी हो जाती है, तो मस्तिष्क की कार्यप्रणाली धीरे-धीरे प्रभावित होने लगती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन B12 की कमी से याददाश्त कमजोर होना, थकान और मानसिक भ्रम जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, विटामिन D की कमी को भी मानसिक स्वास्थ्य से जोड़ा गया है, जो मूड डिसऑर्डर और दिमागी कमजोरी का कारण बन सकती है।

इसी तरह विटामिन B6 और विटामिन E भी दिमाग की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं। इनकी कमी से ब्रेन सेल्स को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे डिमेंशिया जैसी स्थिति विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है।

डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ती उम्र के साथ डिमेंशिया का खतरा वैसे भी बढ़ जाता है, लेकिन खराब डाइट और पोषण की कमी इस जोखिम को और अधिक बढ़ा सकती है। इसलिए संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि डाइट में हरी सब्जियां, फल, दूध, अंडे, नट्स और साबुत अनाज को शामिल करना चाहिए ताकि शरीर को सभी जरूरी विटामिन्स मिल सकें। इसके साथ ही नियमित जांच कराकर शरीर में विटामिन लेवल की निगरानी करना भी जरूरी माना जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि केवल सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहना सही नहीं है, बल्कि प्राकृतिक स्रोतों से पोषण लेना ज्यादा फायदेमंद होता है। नियमित व्यायाम और मानसिक रूप से सक्रिय रहना भी दिमाग को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।

कुल मिलाकर, यह नई रिसर्च इस बात की ओर इशारा करती है कि विटामिन्स की कमी को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। सही खान-पान और जीवनशैली अपनाकर डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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