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Running का साइड इफेक्ट: कहीं 'रनर्स फेस' आपको समय से पहले बूढ़ा तो नहीं बना रहा

Harrison
18 Dec 2025 9:01 PM IST
Running का साइड इफेक्ट: कहीं रनर्स फेस आपको समय से पहले बूढ़ा तो नहीं बना रहा
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Lifestyle, लाइफस्टाइल : फिट रहने के जुनून में आजकल 'रनिंग' और 'मैराथन' का क्रेज तेजी से बढ़ा है। वजन घटाने और दिल को स्वस्थ रखने के लिए दौड़ना बेहतरीन है, लेकिन हालिया मेडिकल रिपोर्ट्स एक चौंकाने वाले पहलू की ओर इशारा कर रही हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स 'रनर्स फेस' (Runner's Face) नामक एक स्थिति के प्रति चेतावनी दे रहे हैं, जिसमें अत्यधिक रनिंग करने वाले लोगों का चेहरा उम्र से पहले बूढ़ा और थका हुआ दिखने लगता है।
क्या है 'रनर्स फेस' सिंड्रोम?
'रनर्स फेस' कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह उन शारीरिक परिवर्तनों का एक समूह है जो लंबे समय तक और अत्यधिक तीव्रता से दौड़ने वाले व्यक्तियों में देखे जाते हैं। इसमें चेहरा पिचक जाता है, त्वचा ढीली पड़ने लगती है और आंखों के नीचे काले घेरे या गड्ढे बन जाते हैं। सरल शब्दों में कहें तो, व्यक्ति फिट तो दिखता है लेकिन उसका चेहरा अपनी प्राकृतिक चमक खो देता है और वह अपनी वास्तविक उम्र से बड़ा दिखने लगता है।
क्यों बूढ़ा दिखने लगता है चेहरा? (प्रमुख कारण)
वैज्ञानिक और डर्मेटोलॉजिकल नजरिए से इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं:
फैट का अत्यधिक कम होना: जब हम लंबी दूरी तक दौड़ते हैं, तो शरीर कैलोरी बर्न करता है। चेहरे पर मौजूद 'सबक्यूटेनियस फैट' (त्वचा के नीचे की चर्बी) चेहरे को भरा हुआ और जवान दिखाता है। अत्यधिक रनिंग से यह फैट खत्म हो जाता है, जिससे गाल पिचक जाते हैं।
ग्रेविटी और इम्पैक्ट: दौड़ते समय जब पैर जमीन से टकराते हैं, तो शरीर को झटका लगता है। यह बार-बार होने वाला कंपन (Vibration) त्वचा के लचीलेपन (Elasticity) को कम कर देता है। लंबे समय में, गुरुत्वाकर्षण के कारण चेहरे की त्वचा नीचे की ओर लटकने लगती है।
सूरज की यूवी किरणें (UV Damage): अधिकांश रनर्स सुबह या दोपहर में बाहर दौड़ते हैं। सूरज की पराबैंगनी किरणें त्वचा के कोलेजन (Collagen) को नष्ट कर देती हैं, जिससे झुर्रियां और महीन रेखाएं जल्दी आ जाती हैं।
कैविटी से लेकर उम्र तक: सावधान रहना क्यों जरूरी?
जिस तरह गलत खान-पान दांतों में कैविटी पैदा कर उन्हें कमजोर कर देता है, उसी तरह बिना सावधानी के की गई रनिंग आपकी त्वचा की 'नींव' को कमजोर कर सकती है। यह सिंड्रोम आमतौर पर 40 वर्ष की आयु के आसपास ज्यादा स्पष्ट होता है जब शरीर में कोलेजन का उत्पादन प्राकृतिक रूप से कम होने लगता है।
'रनर्स फेस' से बचने के कारगर उपाय
यदि आप रनिंग के शौकीन हैं, तो आपको इसे छोड़ने की ज़रूरत नहीं है, बल्कि कुछ बदलाव करने की ज़रूरत है:
सनस्क्रीन का अनिवार्य प्रयोग: चाहे बादल हों या हल्की धूप, बाहर निकलने से पहले कम से कम SPF 30+ वाला सनस्क्रीन जरूर लगाएं। यह कोलेजन को टूटने से बचाएगा।
हाइड्रेशन और डाइट: पर्याप्त पानी पिएं। अपनी डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन C और विटामिन E शामिल करें। ये पोषक तत्व त्वचा के लचीलेपन को बनाए रखते हैं।
वर्कआउट का संतुलन: सिर्फ रनिंग न करें। सप्ताह में 2-3 दिन 'स्ट्रेंथ ट्रेनिंग' या योग करें। वेट ट्रेनिंग से चेहरे और शरीर की मांसपेशियों में कसावट आती है।
नींद पूरी करें: त्वचा की मरम्मत (Repairing) सोते समय होती है। 7-8 घंटे की गहरी नींद त्वचा को रिकवर करने में मदद करती है।
विशेषज्ञों की सलाह
डर्मेटोलॉजिस्ट्स का मानना है कि 'अति' हर चीज की बुरी होती है। यदि आप सप्ताह में 30-40 मील से ज्यादा दौड़ रहे हैं, तो आपके चेहरे पर इसके लक्षण दिखने की संभावना बढ़ जाती है। चेहरे की एक्सरसाइज और मसाज भी रक्त संचार बढ़ाकर इस सिंड्रोम को कम करने में मदद कर सकती है।
रनिंग के फायदों से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन अपनी सुंदरता को दांव पर लगाकर फिट होना सही निर्णय नहीं है। सही सुरक्षा, पोषण और आराम के साथ दौड़ें ताकि आपकी फिटनेस के साथ आपकी मुस्कान और युवा चेहरा भी बरकरार रहे।


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