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Pranayama : चंद्रभेदी प्राणायाम के हैं ये पांच लाभ, जानिए सावधानी और अभ्यास का सही तरीका

Sarita
31 Oct 2025 11:41 AM IST
Pranayama : इस प्राणायाम के नाम से ही स्पष्ट है, चंद्र यानी ठंडक और भेदी यानी छेदने वाला। चंद्रभेदी प्राणायाम शरीर और मन दोनों को संतुलित करने का एक सरल और प्रभावी तरीका है। यह उन लोगों के लिए वरदान है जो अत्यधिक गर्मी, तनाव या नींद की समस्या से जूझ रहे हैं। अगर इसे सही तरीके और नियमित रूप से किया जाए तो यह अनेक स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं। आइए जानते हैं चंद्रभेदी प्राणायाम के अभ्यास से होने वाले स्वास्थ्य लाभ के बारे में और इसका अभ्यास कैसे किया जा सकता है।
चंद्रभेदी प्राणायाम के स्वास्थ्य लाभ:
इस प्राणायाम का अभ्यास तनाव और चिंता को कम करता है। चंद्रभेदी प्राणायाम मानसिक शांति और संतुलन लाता है।
यह नींद की समस्या में लाभकारी माना जाता है। अनिद्रा और बेचैनी से जूझ रहे लोगों के लिए यह बेहद उपयोगी है।
चंद्रभेदी प्राणायाम शरीर की गर्मी को कम करता है। गर्मियों में यह शरीर को शीतलता प्रदान करता है।
इस प्राणायाम के नियमित अभ्यास से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। हाई ब्लड प्रेशर वालों के लिए यह उपयोगी हो सकता है।
साथ ही पाचन क्रिया को बेहतर करता है। यह प्राणायाम लीवर और पाचन अंगों को शांत करने में मदद करता है।
इसके नियमित अभ्यास से मन की एकाग्रता बढ़ती है। इसे विद्यार्थियों के लिए लाभकारी माना जा सकता है।
यह श्वास तंत्र को मजबूत करता है और फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है।
चंद्रभेदी प्राणायाम के अभ्यास का सही तरीका:
इस आसन के अभ्यास के लिए सुखासन या पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं। इस दौरान रीढ़ सीधी रखें और आंखों को बंद कर लें।
अब दाहिने हाथ से नासिका मुद्रा बनाते हुए अंगूठे से दाहिनी नाक बंद करें।
फिर बाएं नथुने से धीरे- धीरे गहरी सांस लें।
अब दाहिनी नासिका खोलें और बाएं नासिका को बंद करें। इस दौरान सांस बाहर छोड़ें।
इस तरह आपका एक चक्र पूरा हो जाएगा। इसी प्रक्रिया को 10-15 बार दोहराएं।
क्या सावधानियां बरतें:
यह प्राणायाम ब्लड प्रेशर को कम करता है। इसलिए जिन लोगों को कम ब्लड प्रेशर की समस्या रहती हों, उन्हें इस प्राणायाम के अभ्यास से बचना चाहिए।
अगर आपको जुकाम या नाक बंद हो तो ऐसी स्थिति में इसका अभ्यास न करें।
भोजन के कम से कम 2 घंटे बाद चंद्रभेदी प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए।
गर्भवती महिलाएं डॉक्टर या योग प्रशिक्षक की सलाह से करें।
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