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Kapalbhati Pranayama Benefits: कई बीमारियों का समाधान है कपालभाति प्राणायाम, लेकिन अगर आपको हैं ये बीमारियां तो भूलकर भी न करें

Sarita
14 May 2025 10:44 AM IST
Kapalbhati Pranayama Benefits: कई बीमारियों का समाधान है कपालभाति प्राणायाम, लेकिन अगर आपको हैं ये बीमारियां तो भूलकर भी न करें
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Kapalbhati Pranayama Benefits: योग करने के कई सेहत लाभ होते हैं. यदि आप रेगुलर योग करते हैं तो आप निरोगी लंबी उम्र तक रह सकते हैं. योग में प्राणायाम बहुत महत्वपूर्ण और सेहत के लिए फायदेमंद है. इसमें सबसे महत्वपूर्ण प्राणायामों में से एक है कपालभाति. इसका अर्थ ‘ललाट का तेज’ होता है. यदि आप कपालभाति सुबह के समय सिर्फ कुछ मिनट ही कर लें तो कई बीमारियों से आप बचे रह सकते हैं. चलिए जानते हैं रेगुलर कपालभाति प्राणायाम करते हैं तो स्वास्थ्य को क्या-क्या लाभ होता है|
कपालभाति करने के फायदे:
-कपालभाति का नियमित अभ्यास करने से अनगिनत लाभ हो सकते हैं. यह सिर से लेकर पैर तक लाभ पहुंचाता है. इसे करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही बना रहता है. दिमाग शांत रहता है|
-योग गुरु बाबा रामदेव के अनुसार, डायबिटीज के रोगियों के लिए कपालभाति लाभदायक है. इससे मस्तिष्क के साथ तंत्रिका तंत्र को भी ऊर्जा मिलती है|
भारत सरकार का आयुष मंत्रालय भी इस बात की पुष्टि करता है कि कपालभाति को यदि सही तरीके से करें तो दिमाग शांत रखता है. कई बीमारियों के होने की संभावना को कम कर सकता है|
कपालभाति फ्रंटल एयर साइनस को शुद्ध करने के साथ ही कफ की समस्या को खत्म करता है. तंत्रिका तंत्र को संतुलित करता है. इससे शरीर को स्फूर्ति मिलती है. इम्यूनिटी बूस्ट होती है. पाचन क्रिया बेहतर होती है. वजन कम होता है. ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बना रहता है|
कपालभाति करने का सही तरीका:
कपालभाति करने के लिए सबसे पहले वज्रासन मुद्रा में बैठ जाएं. अपने दोनों हाथ घुटनों पर रखें. गहरी सांस अंदर लें और हल्के झटके के साथ बाहर छोड़ें. सांस छोड़ने पर फोकस करते हुए ये प्रक्रिया कुछ मिनट तक लगातार करते रहें. शुरुआत में सांस छोड़ने की गति धीमी होगी, जो अभ्यास बढ़ने के साथ देर तक भी कर सकते हैं|
ये लोग गलती से भी न करें कपालभाति प्राणायाम:
हालांकि, कई मायनों में लाभदायक कपालभाति प्राणायाम कुछ स्थितियों में नुकसानदायक भी हो सकता है. ऐसे में कुछ लोगों को इसे करने से बचना चाहिए. प्रेग्नेंट महिलाएं, पीरियड्स होने पर, हाई ब्लड प्रेशर होने पर, हार्ट डिजीज में, हर्निया, स्लिप डिस्क या पेट दर्द जैसी समस्याएं होने पर भी नहीं करना चाहिए. यही नहीं, चक्कर या बेचैनी जैसी समस्या होने पर भी कपालभाति ना ही करें तो आपके लिए बेहतर होगा|
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