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Lifestyle लाइफ स्टाइल : डायबिटीज के मरीज अक्सर यही सोचते रहते हैं कि क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। विशेषज्ञ बताते हैं कि खानपान का सीधा असर हमारे ब्लड शुगर लेवल पर पड़ता है। सही और संतुलित आहार लेने से शुगर नियंत्रित रहती है, जबकि गलत खाने से अचानक लेवल बढ़ सकता है।
हालांकि दालें प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत हैं, लेकिन डायबिटीज में उनका सेवन सोच-समझकर करना जरूरी है। दालें ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाती हैं, लेकिन कुछ दालों में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है, जो अचानक शुगर बढ़ा सकती है। इसलिए मरीजों को दालों का चुनाव करते समय उनकी ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) को ध्यान में रखना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार मूंग, मसूर और चना जैसी दालें डायबिटीज के मरीजों के लिए सुरक्षित मानी जाती हैं। वहीं, उड़द और राजमा जैसी दालें शुगर लेवल को जल्दी बढ़ा सकती हैं, इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। दालों को उबालकर या हल्का भूनकर खाना फायदेमंद रहता है, क्योंकि तली हुई या मसालेदार दालें शुगर कंट्रोल को प्रभावित कर सकती हैं।
इसके अलावा, दालों के साथ खाने वाले अन्य खाद्य पदार्थों का भी असर होता है। उदाहरण के लिए, दाल के साथ रिफाइंड आटा या बटरयुक्त रोटी लेने से शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए मरीजों को दाल के साथ साबुत अनाज या सलाद खाने की सलाह दी जाती है।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि डायबिटीज में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय पर दवा लेना बहुत जरूरी है। दालें खाने से पहले अपने डॉक्टर या डायटिशियन की सलाह लेना भी लाभकारी होता है।
इस तरह, डायबिटीज के मरीज सही प्रकार की दालों और सही मात्रा में सेवन कर शुगर लेवल को नियंत्रित रख सकते हैं और स्वस्थ जीवनशैली अपना सकते हैं।





