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Health: माइग्रेन के दर्द से हो जाते हैं परेशान, एक्सपर्ट द्वारा बताएं नेचुरल तरीकों से इसे करें कंट्रोल

माइग्रेन है तो इन बातों का रखें ध्यान
अगर किसी व्यक्ति को माइग्रेन की समस्या है तो ऐसे में माइग्रेन के मरीज को अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करना चाहिए. सबसे पहले रोजाना सही समय पर सोएं और 7 से 8 घंटे की पूरी नींद लें और समय पर खाना खाएं. सही मात्रा में पानी पिएं और ज्यादा देर तक भूखे न रहें. माइग्रेन ट्रिगर करने वाले खाने की चीजों से परहेज करें. लंबे समय तक स्क्रीन देखने से बचें और आंखों की थकान कम करें. यदि सिरदर्द शुरू हो जाए, तो शांत और अंधेरे कमरे में आराम करें, ठंडी या गर्म सिकाई करना इस दौरान फायदेमंद हो सकता है. इससे आपको दर्द में आराम मिलेगा. माइग्रेन की बार-बार की समस्या हो या दर्द बहुत तेज हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. वह आपकी जरूरत के मुताबिक आपको सही दवा लेने की सलाह देंगे.
ठंडी सिकाई सिर की नसों को आराम पहुंचता है, जिससे सूजन और दर्द कम होता है. ठंडी सिकाई लगाने से मांसपेशियों को आराम मिलता है और सिर में ठंडक लगने से मानसिक तनाव कम होता है, जिससे माइग्रेन के दर्द को कम करने में मदद मिलती है. इसके लिए आप कोटा पैक का उपयोग कर सकते हैं. लेकिन ध्यान दें कि कपड़े में लपेटकर लगाएं ताकि स्किन को नुकसान न हो. इसके अलावा गर्म सिकाई भी मांसपेशियों को आराम देती है और तनाव और बेचैनी को कम करती है, जिससे दर्द से राहत मिल सकती है. गर्दन, कंधे या माथे के पीछे की हिस्सों में सिकाई कर सकते हैं. ध्यान रखें गर्म बहुत ज्यादा न हो, इससे स्किन जल सकती है.
माइग्रेन की समस्या से पूरी तरह से छुटकारा नहीं पाया जा सकता है. लेकिन इससे बचाव किया जा सकता है. इसके लिए आपको डॉक्टर द्वार बताई इन बातों का ध्यान रखना चाहिए. अगर आपको एक तरफ सिर में बहुत तेज और बार-बार दर्द होता है और ऊपर दिए गए लक्षण दिखाई देते हैं, तो ऐसे में आपको किसी न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श जरूर करना चाहिए. क्योंकि अगर इसका इलाज समय रहते शुरु न करवाया जाए, तो क्रोनिक माइग्रेन की समस्या हो सकती है. सिरदर्द या फिर इसमें दिखाई देने वाले दूसरे लक्षणों के कारण व्यक्ति को रोजाना के काम करने में परेशानी हो सकती है. इसके साथ ही धूम्रपान और ज्यादा शराब पीने से भी परहेज करें. कई बार यह भी माइग्रेन और सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का कारण बन सकते हैं.





