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लाइफ स्टाइल
Health:अगर आपके कंधों में लगातार दर्द रहता है, तो ये टेस्ट जरूर करवाएं
Sarita
9 Jun 2025 7:39 AM IST

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Health: अगर आपको अक्सर कंधे में दर्द बना रहता है और वह ठीक होने का नाम नहीं ले रहा है, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. बहुत से लोग इसे सामान्य दर्द समझकर घरेलू इलाज करते रहते हैं, लेकिन यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है. आइए डॉक्टर से जानते हैं कि अगर कंधे में लगातार दर्द हो रहा है, तो कौन-कौन से मेडिकल टेस्ट कराने जरूरी हैं और यह दर्द किन कारणों से हो सकता है|
कंधे का दर्द कई कारणों से हो सकता है. ये आमतौर पर मांसपेशियों में खिंचाव, गलत पॉश्चर, भारी सामान उठाने या किसी चोट के कारण हो सकता है. लेकिन कई बार यह दर्द फ्रोजन शोल्डर, रोटेटर कफ इंजरी, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस या हृदय संबंधी समस्या जैसे गंभीर कारणों की ओर इशारा करता है|
सर्वोदय अस्पताल में आर्थोपैडिक विभाग में डॉ. अंंचिल उप्पल बताते हैं किअगर कंधों में पिछले कुछ समय से कंधों में लगातार दर्द हो रहा हों तो इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. क्योंकि अगर आप इसे इग्नोर करते हैं तो यह गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. ऐसे में अगर आपको यह समस्या बनी रहती है तो आपको सतर्क होना चाहिए. आइए डॉक्टर से जानते हैं कि कंधों में दर्द होने के कौन-कौन से कारण और लक्षण हो सकते हैं|
दर्द लगातार बना रहना, हाथ उठाने में परेशानी होना, गर्दन या पीठ तक दर्द फैल जाना, सोते समय दर्द ज्यादा होना, हाथों में झुनझुनी या सुन्नपन होना, अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर से मिलकर जांच करवाना ज़रूरी है.अगर ये समस्याएं आपकी बन रही हैं तो ये कुछ मेडिकल टेस्ट करवा लेनी चाहिए|
एक्स-रे (X-ray)
कंधे की हड्डियों में कोई फ्रैक्चर या डिस्लोकेशन है या नहीं, इसे जानने के लिए एक्स-रे सबसे पहला टेस्ट होता है. इससे जोड़ो की स्थिति का भी पता चलता है|
एमआरआई (MRI)
अगर मांसपेशियों या लिगामेंट्स में कोई चोट या खिंचाव है, तो एमआरआई से उसकी सही जानकारी मिलती है. रोटेटर कफ की चोट की पुष्टि के लिए यह बहुत ज़रूरी है|
अल्ट्रासाउंड
यह टेस्ट भी मांसपेशियों, लिगामेंट्स और टेंडन की स्थिति को दिखाने में मदद करता है. यह सस्ता और जल्दी होने वाला विकल्प है|
ब्लड टेस्ट
कभी-कभी शरीर में इंफेक्शन या गठिया जैसी समस्याएं भी कंधे में दर्द का कारण बनती हैं. इसके लिए सीआरपी, ईएसआर और रूमेटॉयड फैक्टर जैसे ब्लड टेस्ट कराए जा सकते हैं|
नर्व कंडक्शन टेस्ट (NCV/EMG)
अगर दर्द के साथ हाथों में झुनझुनी या कमजोरी है, तो यह टेस्ट नसों की स्थिति को जांचने के लिए कराया जाता है. यह बताता है कि कहीं नसों में दबाव तो नहीं है|
डॉ. अंंचिल उप्पल बताते हैं कि अगर कंधों में लगातार दर्द हो रहा हो तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. डॉ उप्पल बताते हैं कि दर्द 7-10 दिन से ज्यादा समय से बना हुआ है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें. देर करने पर स्थिति और बिगड़ सकती है. अगर कंधे में लगातार बना रहने वाला दर्द आपके रोज़मर्रा के जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है. नींद में परेशानी, काम करने में दिक्कत और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं. इसलिए समय रहते जांच और इलाज बहुत ज़रूरी है|
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