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Gomukhasana Benefits: डायबिटीज और तनाव में फायदेमंद है गोमुखासन, जानिए अभ्यास का सही तरीका

Sarita
28 Feb 2026 8:41 AM IST
Gomukhasana Benefits: डायबिटीज और तनाव में फायदेमंद है गोमुखासन, जानिए अभ्यास का सही तरीका
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Gomukhasana Benefits: गोमुखासन एक सरल लेकिन प्रभावशाली योगासन है, जो शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद है। सही तकनीक और सावधानियों के साथ नियमित अभ्यास करने से आपको बेहतर लचीलापन, कम तनाव और मजबूत मांसपेशियां मिल सकती हैं। आइए जानते हैं गोमुखासन क्या है, इसे कैसे करें और किन बातों का ध्यान रखें।
गोमुखासन क्या है?
गोमुखासन दो शब्दों से मिलकर बना है, “गो” यानी गाय और “मुख” यानी चेहरा। इस आसन में शरीर की आकृति गाय के चेहरे जैसी दिखाई देती है, इसलिए इसे गोमुखासन कहा जाता है।
गोमुखासन करने का सही तरीका:
दरी या योगा मैट पर सीधे बैठ जाएं और पैरों को सामने फैलाएं।
अब दाएं पैर को मोड़कर बाएं कूल्हे के नीचे रखें।
बाएं पैर को मोड़कर दाएं घुटने के ऊपर रखें, ताकि दोनों घुटने एक-दूसरे के ऊपर दिखें।
दायां हाथ ऊपर उठाएं और कोहनी मोड़कर पीठ के पीछे ले जाएं।
बायां हाथ पीछे से ऊपर की ओर ले जाकर दोनों हाथों की उंगलियां आपस में पकड़ें।
पीठ सीधी रखें और 20–30 सेकंड तक सामान्य श्वास लेते रहें।
धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौटें और दूसरी ओर से दोहराएं।
गोमुखासन के फायदे :
कंधों और पीठ के दर्द में राहत:
यह आसन कंधों की जकड़न दूर करता है और सर्वाइकल या पीठ दर्द में आराम देता है।
छाती और फेफड़ों को मजबूत बनाता है
छाती खुलने से सांस लेने की क्षमता बेहतर होती है।
डायबिटीज में सहायक:
नियमित अभ्यास पैंक्रियाज को सक्रिय करने में मदद कर सकता है।
तनाव और चिंता कम करता है
यह आसन मन को शांत कर मानसिक तनाव घटाने में मदद करता है।
शरीर की लचीलापन बढ़ाता है
जांघ, कूल्हे और हाथों की मांसपेशियां मजबूत और लचीली बनती हैं।
गोमुखासन करते समय सावधानियां :
अगर कंधे या घुटने में गंभीर दर्द है तो यह आसन न करें।
स्लिप डिस्क या रीढ़ की गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लें।
शुरुआत में ज्यादा जोर न लगाएं।
गर्भावस्था में विशेषज्ञ की देखरेख में ही अभ्यास करें।
गोमुखासन कब और कितनी देर करें?
सुबह खाली पेट करना बेहतर होता है।
20–30 सेकंड से शुरुआत करें।
2–3 बार दोहरा सकते हैं।
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