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वजन घटाने के लिए डाइट नहीं, कैलोरी कैलकुलेटर करेगा मदद

Saba Naaz
29 July 2026 9:07 PM IST
वजन घटाने के लिए डाइट नहीं, कैलोरी कैलकुलेटर करेगा मदद
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नई दिल्ली। वजन घटाने के लिए अक्सर लोग इंटरनेट पर मिलने वाली क्रैश डाइट या तय कैलोरी चार्ट का सहारा लेते हैं, लेकिन हर व्यक्ति के शरीर की जरूरत अलग होती है। किसी के लिए 1500 कैलोरी वाली डाइट असरदार हो सकती है, तो किसी दूसरे व्यक्ति के लिए यही मात्रा वजन कम करने में मददगार नहीं होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, वजन घटाने का सही तरीका अपनी व्यक्तिगत कैलोरी जरूरत को समझना और उसके अनुसार संतुलित कैलोरी कमी बनाना है।

शरीर रोजाना कितनी ऊर्जा खर्च करता है, इसे समझना वजन घटाने की पहली सीढ़ी है। इसके लिए टोटल डेली एनर्जी एक्सपेंडिचर यानी TDEE को जाना जाता है। TDEE में शरीर की बेसल मेटाबोलिक रेट (BMR) और दिनभर की सभी गतिविधियों से खर्च होने वाली ऊर्जा शामिल होती है। BMR वह ऊर्जा है, जो शरीर सांस लेने, रक्त संचार और अन्य जरूरी कार्यों को चलाने में खर्च करता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि वजन घटाने के लिए यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति एक ही कैलोरी सीमा का पालन करे। किसी व्यक्ति की लंबाई, वजन, उम्र, लिंग और रोजाना की गतिविधियों के आधार पर उसकी कैलोरी जरूरत बदल जाती है। इसलिए किसी और के बनाए डाइट प्लान को अपनाने के बजाय अपनी जरूरत के हिसाब से कैलोरी लक्ष्य तय करना ज्यादा प्रभावी माना जाता है।

TDEE पता करने के लिए लोग ऑनलाइन कैलोरी कैलकुलेटर की मदद ले सकते हैं। इसमें उम्र, वजन, लंबाई और गतिविधि स्तर जैसी जानकारी दर्ज करने पर शरीर की अनुमानित दैनिक कैलोरी जरूरत सामने आ जाती है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी व्यक्ति की TDEE 2200 कैलोरी है, तो इतनी कैलोरी लेने पर उसका वजन सामान्य रूप से स्थिर रह सकता है। वजन कम करने के लिए उसे इससे कम कैलोरी लेने की जरूरत होगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सुरक्षित वजन घटाने के लिए रोजाना लगभग 500 कैलोरी की कमी बनाना एक बेहतर तरीका हो सकता है। इससे धीरे-धीरे वजन कम होता है और शरीर को जरूरी पोषण भी मिलता रहता है। बहुत कम कैलोरी वाली डाइट लंबे समय तक टिकाऊ नहीं होती और इससे कमजोरी, ज्यादा भूख और दोबारा वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

क्रैश डाइट में लोग तेजी से वजन घटाने के लिए बहुत कम खाना शुरू कर देते हैं, लेकिन इसका असर लंबे समय तक नहीं रहता। शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, विटामिन, मिनरल और अन्य पोषक तत्वों की जरूरत होती है। दाल, अंडे, दूध, दही, सब्जियां और संतुलित भोजन को डाइट में शामिल करके कैलोरी की कमी आसानी से बनाई जा सकती है।

कैलोरी गणना में सबसे बड़ी गलती लोग अपनी गतिविधि का स्तर तय करते समय करते हैं। कई लोग खुद को ज्यादा सक्रिय मान लेते हैं, जबकि उनकी दिनचर्या में ज्यादातर समय बैठकर काम करना शामिल होता है। ऐसे में गलत गतिविधि स्तर चुनने से कैलोरी लक्ष्य भी गलत हो सकता है।

भारतीय खानपान में छिपी हुई कैलोरी भी वजन घटाने में बड़ी भूमिका निभाती है। खाने में इस्तेमाल होने वाला अतिरिक्त तेल, चाय में चीनी, बिस्किट, नमकीन और छोटे-छोटे स्नैक्स कई बार अनजाने में ज्यादा कैलोरी बढ़ा देते हैं। शरीर इन कैलोरी को भी गिनता है, इसलिए खाने की मात्रा और गुणवत्ता दोनों पर ध्यान देना जरूरी है।

वजन कम होने के साथ शरीर की कैलोरी जरूरत भी बदलती रहती है। अगर किसी व्यक्ति का वजन 85 किलो से घटकर 78 किलो हो जाता है, तो उसकी दैनिक ऊर्जा जरूरत पहले जैसी नहीं रहती। इसलिए हर कुछ किलो वजन कम होने के बाद TDEE को दोबारा जांचना फायदेमंद हो सकता है।

हालांकि TDEE कैलकुलेटर केवल एक अनुमान देता है, यह कोई मेडिकल जांच नहीं है। तीन से चार सप्ताह तक वजन में बदलाव देखकर जरूरत के अनुसार कैलोरी लक्ष्य में सुधार किया जा सकता है। अगर लगातार प्रयास के बावजूद वजन कम नहीं हो रहा है या थायरॉइड, डायबिटीज जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, तो डॉक्टर या विशेषज्ञ डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर विकल्प है।

वजन घटाने का सही रास्ता किसी दूसरे की डाइट कॉपी करना नहीं, बल्कि अपने शरीर की जरूरत को समझना है। सही कैलोरी सीमा, संतुलित भोजन और नियमित गतिविधि के साथ वजन कम करना ज्यादा सुरक्षित और लंबे समय तक असरदार साबित हो सकता है।

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