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सोलर प्लांट लगवाने का सुनहरा मौका, सरकार देगी बड़ी सब्सिडी

Rajeshwari Nishad
4 Nov 2026 10:01 PM IST
सोलर प्लांट लगवाने का सुनहरा मौका, सरकार देगी बड़ी सब्सिडी
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नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' को देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। मुख्यमंत्री बुधवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 के सोलर प्लेनरी सत्र को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से पर्यावरण संरक्षण के साथ आम नागरिकों को आर्थिक लाभ मिलेगा। इस अवसर पर उन्होंने दिल्ली में सौर ऊर्जा के विस्तार, सरकारी प्रयासों और रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
दिल्ली में एक लाख से अधिक लोगों ने कराया पंजीकरण
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी कि दिल्ली में पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत एक लाख से अधिक लोगों ने रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए पंजीकरण कराया है।उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार अधिक से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। राजधानी में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, ताकि इच्छुक उपभोक्ता आसानी से योजना का लाभ उठा सकें।मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा के प्रति नागरिकों की बढ़ती रुचि को सकारात्मक संकेत बताया। उनका कहना था कि स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बिजली बिल में कमी लाने की दिशा में बड़ी पहल
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का प्रमुख उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है।इस योजना के माध्यम से परिवार अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर बिजली का उत्पादन कर सकते हैं। इससे ग्रिड से खरीदी जाने वाली बिजली पर निर्भरता कम हो सकती है।केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत फरवरी 2024 में की थी। इसका लक्ष्य देश के एक करोड़ परिवारों तक रूफटॉप सोलर सुविधा पहुंचाना है।योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम लगाने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इससे शुरुआती लागत का बोझ कम होता है और परिवारों को लंबे समय तक बिजली खर्च में बचत करने का अवसर मिलता है।
दिल्ली में 1.56 लाख रुपये तक की सब्सिडी की व्यवस्था
दिल्ली सरकार ने पीएम सूर्य घर योजना को प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने की व्यवस्था की है।दिल्ली सरकार की सौर ऊर्जा नीति में किए गए संशोधन के अनुसार, पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को तीन किलोवाट तक का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से अधिकतम 78 हजार रुपये तथा दिल्ली सरकार की ओर से इतनी ही अतिरिक्त सब्सिडी उपलब्ध कराई जा सकती है।इस प्रकार पात्र उपभोक्ताओं को कुल 1.56 लाख रुपये तक की सहायता मिलने का प्रावधान है।दिल्ली सरकार के अनुसार, औसतन 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत वाले पात्र घरेलू उपभोक्ताओं के लिए तीन किलोवाट तक का सोलर सिस्टम बिना शुरुआती भुगतान के उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की गई है। हालांकि, योजना का लाभ निर्धारित पात्रता और शर्तों के अनुसार मिलेगा।
सरकारी भवनों और आवासीय परिसरों में भी लगेंगे सोलर पैनल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में सौर ऊर्जा के विस्तार की चुनौतियों का भी उल्लेख किया।राजधानी में सीमित छतों और स्थान की उपलब्धता को देखते हुए सरकार सार्वजनिक भवनों तथा आवासीय परिसरों के साझा क्षेत्रों में सोलर पैनल लगाने की संभावनाओं पर विचार कर रही है।इस पहल से उन क्षेत्रों में भी सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाया जा सकेगा, जहां व्यक्तिगत घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राजधानी में स्वच्छ ऊर्जा का दायरा लगातार बढ़े और ज्यादा से ज्यादा नागरिक इससे जुड़ सकें।
डिजिटल पोर्टल से आवेदन प्रक्रिया होगी आसान
दिल्ली सरकार ने 21 सितंबर 2026 को 'दिल्ली पीएम सूर्य घर' पंजीकरण पोर्टल की शुरुआत की थी।इस पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ता रूफटॉप सोलर योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं और उससे संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है। इससे नागरिकों को संबंधित विभागों और बिजली वितरण कंपनियों के साथ आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने में आसानी होगी।
देशभर में सौर ऊर्जा को मिल रही नई गति
केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर योजना देशभर में रूफटॉप सोलर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, योजना के अंतर्गत सोलर सिस्टम लगाने की गति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।केंद्र सरकार ने इस योजना को देश के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता से जुड़ी प्रमुख पहलों में शामिल किया है।सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के साथ कार्बन उत्सर्जन घटाने में भी मदद मिल सकती है।
रोजगार और पर्यावरण संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा
सौर ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार से आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की भी संभावना है।सोलर पैनल निर्माण, स्थापना, मरम्मत, रखरखाव और तकनीकी सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में कुशल कर्मचारियों की आवश्यकता बढ़ सकती है।इसके अतिरिक्त रूफटॉप सोलर सिस्टम का व्यापक उपयोग बिजली उत्पादन के अधिक विकेंद्रीकृत मॉडल को प्रोत्साहित करता है। इससे घरेलू उपभोक्ता केवल बिजली का उपयोग करने वाले नहीं, बल्कि उसका उत्पादन करने वाले भी बन सकते हैं।पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार महत्वपूर्ण है। सौर ऊर्जा का अधिक उपयोग जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन पर निर्भरता कम करने में सहायक हो सकता है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही दिल्ली
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ ऊर्जा संबंधी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों को नागरिकों के आर्थिक सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर देखा।राजधानी में एक लाख से अधिक पंजीकरण होने से संकेत मिलता है कि रूफटॉप सोलर के प्रति लोगों की रुचि बढ़ रही है। हालांकि, पंजीकरण और वास्तविक सोलर संयंत्र स्थापना के आंकड़े अलग-अलग हैं।दिल्ली सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाना और राजधानी में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना है।
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