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साड़ी में नंगे पैर दौड़ी महिला, 6 मिनट में पूरा किया 1600 मीटर
Kanchan Paikara
7 Oct 2026 8:40 PM IST

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झारखंड: झारखंड के रामगढ़ जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है। यहां होमगार्ड भर्ती की तैयारी के लिए आयोजित ट्रायल रेस में 28 वर्षीय कविता महतो ने साड़ी पहनकर और नंगे पैर 1600 मीटर की दौड़ पूरी कर दी। उनके पास न रनिंग शूज थे, न ट्रैकसूट और न ही महंगी ट्रेनिंग की सुविधा। इसके बावजूद उन्होंने करीब 6 मिनट 45 सेकंड में दौड़ पूरी की। कई रिपोर्टों में इसे लगभग 6 मिनट बताया गया है। खास बात यह है कि महिलाओं के लिए निर्धारित समय 10 मिनट था, जिसे कविता ने काफी पहले पूरा कर लिया।
कविता का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में वह साड़ी में नंगे पैर तेज रफ्तार से दौड़ती दिखाई दे रही हैं। आसपास दूसरे अभ्यर्थी स्पोर्ट्स ड्रेस और जूतों में नजर आते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी कविता के कदम नहीं रोक सकी।
रामगढ़ के सोसो गांव की रहने वाली हैं कविता
कविता महतो रामगढ़ जिले के दुलमी प्रखंड स्थित सोसो गांव की रहने वाली हैं। वह 12वीं तक पढ़ी हैं और होमगार्ड में नौकरी हासिल करना चाहती हैं। 4 अक्टूबर को रामगढ़ के सिदो-कान्हू मैदान में एक निजी रनर एकेडमी की ओर से होमगार्ड भर्ती से पहले प्री-ट्रायल आयोजित किया गया था। इसी ट्रायल में कविता ने हिस्सा लिया था।
रामगढ़ जिले में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया की तैयारी चल रही है। इसी के मद्देनजर अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। ट्रायल रेस में कई महिला अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था, लेकिन कविता के दौड़ने के तरीके और उनके संघर्ष ने उन्हें बाकी लोगों से अलग कर दिया।
टूटी चप्पल थी, इसलिए नंगे पैर दौड़ीं
कविता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनके पास दौड़ने के लिए जूते नहीं थे। उनकी चप्पल भी टूटी हुई थी। मैदान में पहुंचकर उन्होंने देखा कि दूसरे अभ्यर्थियों के पास रनिंग शूज, ट्रैकसूट, पानी और खाने-पीने का सामान था।कविता के मुताबिक उनके पास इनमें से कोई सुविधा नहीं थी। यही वजह थी कि उन्होंने साड़ी में ही नंगे पैर मैदान में उतरने का फैसला किया।उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआत में उन्हें थोड़ी झिझक हो रही थी क्योंकि बाकी सभी उन्हें देख रहे थे। लेकिन नौकरी पाने की इच्छा ने उन्हें रुकने नहीं दिया।
बिना खाना खाए पहुंचीं मैदान
कविता के संघर्ष की कहानी यहीं खत्म नहीं होती। उन्होंने बताया कि ट्रायल वाले दिन वह इतनी जल्दी घर से निकलीं कि ठीक से खाना भी नहीं खा सकीं। मैदान में उन्होंने दूसरे अभ्यर्थियों को केला, सेब और पानी लेते देखा तो एक पल के लिए उन्हें लगा कि क्या वह दौड़ पूरी कर पाएंगी।इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और 1600 मीटर की दूरी पूरी कर दी। करीब 6 मिनट 45 सेकंड का उनका समय निर्धारित 10 मिनट की सीमा से काफी बेहतर रहा।
तीन साल पहले हो गई थी पति की मौत
कविता की जिंदगी पहले से ही मुश्किलों से भरी है। उनके पति का करीब तीन साल पहले निधन हो गया था। पति के इलाज पर काफी पैसा खर्च हुआ और परिवार पर कर्ज भी चढ़ गया।
पति की मौत के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी कविता पर आ गई। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं। इसके अलावा बुजुर्ग सास-ससुर की जिम्मेदारी भी वह संभाल रही हैं।
परिवार में कमाने वाला कोई स्थायी सदस्य नहीं होने के कारण कविता को खुद मजदूरी करनी पड़ती है।
खेत और ईंट-भट्ठे पर करती हैं काम
परिवार का खर्च चलाने के लिए कविता खेतों और ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करती हैं। धान की रोपाई के मौसम में खेतों में काम करती हैं और कटाई के दौरान भी मजदूरी करती हैं। जब ईंट-भट्ठे पर काम मिलता है तो वहां जाकर परिवार के लिए कमाई करती हैं।घर की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह नियमित रूप से किसी महंगी फिटनेस एकेडमी में ट्रेनिंग ले सकें या स्पोर्ट्स शूज खरीद सकें।इसके बावजूद उनका सपना है कि होमगार्ड की नौकरी हासिल कर परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करें और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे सकें।
सुबह 4 बजे उठकर करती हैं दौड़ की तैयारी
कविता ने बताया कि वह रोज सुबह करीब चार बजे उठकर दौड़ की तैयारी करती हैं। घर और बच्चों की जिम्मेदारियां निभाने के साथ वह अपनी फिजिकल फिटनेस पर भी मेहनत कर रही हैं।उनका लक्ष्य होमगार्ड भर्ती में सफल होना है। यही कारण है कि संसाधन न होने के बावजूद उन्होंने प्रैक्टिस नहीं छोड़ी।वायरल वीडियो ने अब उनकी मेहनत को पूरे देश के सामने ला दिया है।
निर्धारित समय से काफी पहले पूरी की दौड़
महिला अभ्यर्थियों के लिए 1600 मीटर की दौड़ पूरी करने की समय सीमा करीब 10 मिनट बताई गई है। कविता ने यह दूरी लगभग 6 मिनट 45 सेकंड में पूरी कर ली। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में उनका समय करीब 6 मिनट बताया गया था।ट्रायल रेस में उनका प्रदर्शन इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि सामान्य स्पोर्ट्स गियर के बिना इतनी तेज दौड़ आसान नहीं मानी जाती।
वीडियो वायरल हुआ तो मिली मदद
कविता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति और संघर्ष की जानकारी भी लोगों तक पहुंची। इसके बाद डुमरी विधायक जयराम महतो ने उनसे फोन पर बात की और उनके जज्बे की सराहना की।रिपोर्ट के मुताबिक विधायक की ओर से कविता को दौड़ने के लिए जूते और ट्रैकसूट उपलब्ध कराया गया है।
नौकरी सिर्फ नौकरी नहीं, परिवार का भविष्य
कविता के लिए होमगार्ड भर्ती केवल सरकारी नौकरी पाने का मौका नहीं है। यह उनके बच्चों और परिवार के भविष्य से जुड़ा सपना है।पति की मौत के बाद मजदूरी करते हुए बच्चों को संभालना और साथ ही प्रतियोगी भर्ती की तैयारी करना आसान नहीं है। फिर भी उन्होंने अपनी परिस्थितियों को बहाना नहीं बनाया।यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग उनके वीडियो को केवल एक दौड़ के तौर पर नहीं, बल्कि संघर्ष और हिम्मत की कहानी के रूप में देख रहे हैं।
रामगढ़ में होमगार्ड के कुल 284 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया से जुड़ी तैयारियां चल रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं, जबकि विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के लिए अतिरिक्त आरक्षण का भी प्रावधान बताया गया है।
कुल मिलाकर कविता महतो की कहानी यह दिखाती है कि सुविधाओं की कमी के बावजूद मेहनत और लक्ष्य के प्रति दृढ़ता व्यक्ति को आगे बढ़ा सकती है। साड़ी, नंगे पैर और बिना किसी स्पोर्ट्स गियर के 1600 मीटर की दौड़ पूरी करने वाली कविता अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय हैं। हालांकि यह केवल प्री-ट्रायल था और अंतिम भर्ती अभी बाकी है, लेकिन उनका प्रदर्शन उन्हें पहले ही हजारों लोगों के लिए प्रेरणा बना चुका है।
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