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हिज्बुल्लाह को ईरान से 200 मिलियन डॉलर, विस्थापित लेबनानी परिवारों को मिलेगी मदद

SHIDDHANT
7 Oct 2026 8:37 PM IST
हिज्बुल्लाह को ईरान से 200 मिलियन डॉलर, विस्थापित लेबनानी परिवारों को मिलेगी मदद
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लेबनान में तबाही के बीच $200 मिलियन की मदद, Reuters का दावा
बेरूत। लेबनान में जारी संघर्ष के कारण विस्थापित हुए लोगों के लिए हिज्बुल्लाह को ईरान से करीब 200 मिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता मिली है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से Reuters ने बताया कि मौजूदा युद्ध के दौरान विस्थापित लेबनानी परिवारों की मदद के लिए यह अपनी तरह की पहली बड़ी सहायता है। Reuters के अनुसार, यह राशि उन परिवारों को शुरुआती आर्थिक मदद देने के लिए इस्तेमाल की जाएगी, जिनके घर नष्ट हो गए हैं या जो अपने गांवों तक वापस नहीं पहुंच पा रहे हैं। योजना के तहत प्राथमिक तौर पर करीब 50 हजार परिवारों को 3,000 डॉलर प्रति परिवार देने की व्यवस्था की जा रही है। इन परिवारों में बड़ी संख्या दक्षिणी लेबनान और संघर्ष से प्रभावित अन्य इलाकों के लोगों की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च 2026 में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष तेज होने के बाद लेबनान के कई हिस्सों में भारी तबाही हुई है। हजारों घर और इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित इलाकों की ओर जाना पड़ा। सितंबर तक की रिपोर्टिंग में करीब तीन लाख लोगों के विस्थापित होने की बात सामने आई थी। सूत्रों के मुताबिक, ईरान से हिज्बुल्लाह तक रकम पहुंचाने की प्रक्रिया आसान नहीं रही। अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरान पर बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण धन हस्तांतरण के लिए बिचौलियों का सहारा लिया गया, जिन्होंने जोखिम के कारण ऊंची फीस ली। ईरान लंबे समय से हिज्बुल्लाह का प्रमुख समर्थक रहा है, हालांकि तेहरान ने इस विशेष 200 मिलियन डॉलर की सहायता की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है।
हिज्बुल्लाह के नेतृत्व ने इससे पहले सितंबर के अंत में घोषणा की थी कि संगठन युद्ध से विस्थापित हजारों लेबनानी नागरिकों को आवास उपलब्ध कराने वाली योजना में आर्थिक योगदान देगा। नई वित्तीय सहायता उसी प्रयास का हिस्सा मानी जा रही है। लेबनान में पुनर्निर्माण एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। Reuters के मुताबिक, युद्ध से हुए नुकसान की लागत 27 अरब डॉलर से अधिक हो सकती है। इतनी बड़ी तबाही के बीच सरकार, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और स्थानीय संगठनों के सामने विस्थापित लोगों के पुनर्वास की चुनौती है।
हिज्बुल्लाह के लिए भी यह आर्थिक सहायता महत्वपूर्ण है क्योंकि संगठन एक ओर अपने लड़ाकों और उनके परिवारों को भुगतान जारी रखे हुए है, वहीं दूसरी ओर अपने समर्थक समुदायों के पुनर्वास का दबाव भी झेल रहा है। ईरान से मिली यह राशि ऐसे समय आई है जब क्षेत्रीय संघर्ष और आर्थिक प्रतिबंध दोनों ही धन जुटाने और उसे लेबनान तक पहुंचाने की प्रक्रिया को मुश्किल बना रहे हैं।
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