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अग्निवीरों की सैलरी कितनी बढ़ेगी, जानें सेवानिधि का हिसाब
Rajeshwari Nishad
4 Nov 2026 4:59 PM IST

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों को बड़ी राहत देते हुए उनकी सेवा अवधि में दो साल के विस्तार का फैसला किया है। अब चार साल की शुरुआती सेवा पूरी करने वाले पात्र अग्निवीरों को दो साल और सशस्त्र बलों में सेवा देने का अवसर मिलेगा। इस फैसले के बाद अग्निवीरों की कुल सेवा अवधि छह साल तक हो सकती है। इसके साथ ही उनकी सैलरी, भत्तों और सेवानिधि पैकेज को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अतिरिक्त दो साल की सेवा के दौरान अग्निवीरों को हर महीने कितनी सैलरी मिलेगी और छह साल बाद सेवामुक्त होने पर कितनी रकम मिलेगी।
केंद्र सरकार ने 4 नवंबर 2026 को अग्निवीरों के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि को मंजूरी दी। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इसकी जानकारी दी। नई व्यवस्था के तहत चार साल की सेवा के बाद नियमित सैन्य कैडर में शामिल नहीं होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को अतिरिक्त दो साल की सेवा का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा।
क्या है अग्निवीरों की नई सेवा व्यवस्था?
अग्निपथ योजना की शुरुआत जून 2022 में हुई थी। इसके तहत भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना में युवाओं को चार साल के लिए अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाता है।पुरानी व्यवस्था में चार साल की सेवा पूरी होने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी योग्यता, प्रदर्शन और सशस्त्र बलों की जरूरत के आधार पर नियमित सैन्य सेवा में शामिल किया जा सकता था। बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवानिधि पैकेज देकर सेवामुक्त करने का प्रावधान था।नई व्यवस्था में इन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को भी दो साल और सेवा करने का मौका मिलेगा। इस अतिरिक्त अवधि को 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' कहा गया है।दो साल की दूसरी सेवा अवधि पूरी करने के बाद अग्निवीरों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। निर्धारित मानकों और सैन्य जरूरतों के आधार पर उन्हें नियमित सेवा में शामिल करने पर भी विचार किया जा सकेगा। हालांकि, अतिरिक्त दो साल की सेवा मिलने का अर्थ अपने आप स्थायी नियुक्ति मिलना नहीं है।
पहले चार साल में कितनी मिलती है सैलरी?
अग्निपथ योजना के मौजूदा वेतन ढांचे के अनुसार, अग्निवीरों को पहले साल 30,000 रुपये मासिक पैकेज मिलता है। दूसरे साल यह बढ़कर 33,000 रुपये हो जाता है।तीसरे साल मासिक वेतन पैकेज 36,500 रुपये और चौथे साल 40,000 रुपये निर्धारित है।इस पैकेज का 70 प्रतिशत हिस्सा अग्निवीर के हाथ में आता है, जबकि 30 प्रतिशत राशि सेवानिधि कोष में जमा की जाती है। सरकार भी इस कोष में निर्धारित योगदान करती है।
चार साल की वेतन व्यवस्था इस प्रकार है:
सेवा का वर्ष मासिक पैकेज हाथ में मिलने वाली राशि
पहला वर्ष ₹30,000 ₹21,000
दूसरा वर्ष ₹33,000 ₹23,100
तीसरा वर्ष ₹36,500 लगभग ₹25,550
चौथा वर्ष ₹40,000 ₹28,000
ये आंकड़े केंद्र सरकार द्वारा अग्निपथ योजना की शुरुआत के समय जारी वेतन संरचना पर आधारित हैं। जोखिम और कठिनाई भत्ते जैसी अन्य सुविधाएं लागू नियमों के अनुसार अलग से मिल सकती हैं।
पांचवें और छठे साल में कितनी सैलरी मिलेगी?
दो साल के सेवा विस्तार की घोषणा के साथ अग्निवीरों को बढ़ा हुआ वेतन और बेहतर आर्थिक लाभ देने की बात कही गई है।4 नवंबर को सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दूसरी सेवा अवधि के पहले साल के लिए 43,500 रुपये और दूसरे साल के लिए 47,500 रुपये मासिक वेतन पैकेज का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन राशियों को लागू करने की विस्तृत आधिकारिक वेतन तालिका और हाथ में मिलने वाली अंतिम रकम की पुष्टि संबंधित सैन्य आदेश से होना बाकी है।इसलिए पांचवें और छठे साल की इन संभावित राशियों को अंतिम अधिसूचित वेतन मानकर नहीं चलना चाहिए।अतिरिक्त अवधि के दौरान सेवानिधि कोष में कितना मासिक योगदान कटेगा, यह भी महत्वपूर्ण होगा। इसी कटौती के आधार पर अग्निवीरों के हाथ में आने वाला वास्तविक वेतन तय होगा।
चार साल बाद कितना मिलता है सेवानिधि पैकेज?
अग्निपथ योजना की मूल व्यवस्था के तहत अग्निवीरों को चार साल की सेवा पूरी होने पर लगभग 11.71 लाख रुपये का सेवानिधि पैकेज देने का प्रावधान है।इसमें अग्निवीर द्वारा चार साल के दौरान जमा की गई रकम, सरकार का निर्धारित योगदान और लागू ब्याज शामिल होता है।मूल वेतन संरचना के अनुसार चार साल में अग्निवीर की ओर से लगभग 5.02 लाख रुपये जमा होते हैं। सरकार भी लगभग इतनी ही राशि जमा करती है। इस तरह ब्याज से पहले कुल राशि करीब 10.04 लाख रुपये होती है।लागू ब्याज जोड़ने पर अनुमानित सेवानिधि पैकेज 11.71 लाख रुपये बताया गया था। यह पैकेज आयकर से मुक्त है।
छह साल बाद कितना मिलेगा सेवानिधि पैकेज?
अब अग्निवीरों के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल छह साल की सेवा के बाद मिलने वाली सेवानिधि का है।नई व्यवस्था में अतिरिक्त दो वर्षों के दौरान भी अग्निवीरों को सेवानिधि संबंधी लाभ देने की बात कही गई है। रिपोर्ट्स में दूसरी सेवा अवधि के लिए सरकार के योगदान और आर्थिक लाभों में बदलाव का उल्लेख किया गया है।एक मीडिया रिपोर्ट में अतिरिक्त सेवा अवधि से जुड़े सेवानिधि लाभ के लिए लगभग 10.92 लाख रुपये का आंकड़ा सामने आया है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इस राशि की गणना किस आधार पर की गई है और चार साल की पहले से संचित रकम के साथ इसका अंतिम भुगतान किस प्रकार होगा।इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक नियम सामने आने तक छह साल के बाद मिलने वाली कुल सेवानिधि की निश्चित राशि बताना उचित नहीं होगा।अंतिम पैकेज अग्निवीर के योगदान, सरकार के योगदान, ब्याज और दूसरी सेवा अवधि के लिए अधिसूचित नियमों पर निर्भर करेगा।
क्या छह साल बाद अग्निवीर स्थायी सैनिक बन सकेंगे?
नई व्यवस्था के अंतर्गत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में शामिल होने का एक अतिरिक्त अवसर मिलने की बात कही गई है।चार साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित कैडर में चयनित अग्निवीर पहले की तरह अपनी सैन्य सेवा जारी रख सकेंगे।वहीं, अतिरिक्त दो साल की सेवा लेने वाले अग्निवीरों के प्रदर्शन का छह साल पूरे होने पर मूल्यांकन किया जाएगा।इस दौरान अनुशासन, शारीरिक क्षमता, तकनीकी दक्षता, कार्य प्रदर्शन और संबंधित सैन्य संगठन की आवश्यकताओं जैसे मानकों को महत्व दिया जा सकता है।हालांकि, नियमित सेवा में शामिल होने का अंतिम निर्णय निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
पहले बैच को मिलेगा फैसले का लाभ
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच का चार साल का कार्यकाल नवंबर और दिसंबर 2026 में पूरा होने वाला है।ऐसे समय में सेवा विस्तार का निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में अग्निवीरों को दो साल अतिरिक्त सैन्य अनुभव हासिल करने और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर मिलेगा।कुल मिलाकर अग्निवीरों के लिए यह महत्वपूर्ण बदलाव है। जहां शुरुआती चार साल की सैलरी और 11.71 लाख रुपये का मूल सेवानिधि पैकेज पहले से निर्धारित है, वहीं पांचवें और छठे साल के अंतिम वेतन तथा छह साल बाद मिलने वाले कुल सेवानिधि पैकेज की स्पष्ट जानकारी विस्तृत सरकारी आदेश के बाद ही सामने आएगी।
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