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अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत: अब 2 साल और बढ़ा सकेंगे अपनी सेवा

Tara Tandi
4 Nov 2026 4:56 PM IST
अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत: अब 2 साल और बढ़ा सकेंगे अपनी सेवा
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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने 'अग्निपथ' योजना में एक बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत, अग्निवीरों को अपनी शुरुआती चार साल की सेवा पूरी करने के बाद, दो साल के एक और सेवा कार्यकाल का विकल्प दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले की जानकारी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
उन्होंने बताया कि जहां 25 प्रतिशत अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र बलों में नियमित सैनिकों के रूप में शामिल किया जाएगा, वहीं बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल और सेवा करने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद, अगर वे चाहें और जरूरी शर्तों को पूरा करते हैं, तो उन्हें सेना में नियमित सैनिक बनने का अवसर भी मिल सकता है।
CDS ने कहा, "75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का एक और सेवा कार्यकाल (दूसरा कार्यकाल) दिया जाएगा। इन दो सालों को पूरा करने के बाद, सभी अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र बलों में नियमित सैनिक बनने का मौका मिलेगा। इसके लिए दो शर्तें हैं: एक तो वे खुद इसमें शामिल होने के इच्छुक हों, और दूसरा, वे तय किए गए चयन मानदंडों को पूरा करते हों।"
इस फैसले से वे अग्निवीर, जो चार साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित सैनिक के रूप में नहीं चुने गए थे, सशस्त्र बलों में अपनी सेवा जारी रख सकेंगे। दो साल के इस अतिरिक्त कार्यकाल के बाद, उन्हें सेना में नियमित करने का भी प्रावधान होगा।
गौरतलब है कि अग्निवीरों का पहला बैच इसी महीने अपनी सेवा पूरी कर रहा है।
जनरल सुब्रमणि ने बताया कि मौजूदा व्यवस्था के तहत, चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों में से 25 प्रतिशत तक को नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाना है। अब बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों के पास दो साल के एक और सेवा कार्यकाल का विकल्प होगा, जिससे वे कुछ और समय तक अपनी सेवा जारी रख सकेंगे।
दूसरे सेवा कार्यकाल के पूरा होने पर, उनके प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। इसमें उनकी कार्यक्षमता, सेवा के दौरान उनकी उपलब्धियों और संगठन की जरूरतों का आकलन किया जाएगा। जो अग्निवीर अच्छा प्रदर्शन करेंगे और तय मानकों को पूरा करेंगे, उन पर भविष्य में नियमित सेवा के लिए विचार किया जा सकता है।
CDS ने स्पष्ट किया कि अग्निवीरों की इच्छा के साथ-साथ, सशस्त्र बलों की परिचालन (ऑपरेशनल) और संगठनात्मक जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाएगा। चयन के लिए वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) मानदंडों का पालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अग्निवीरों के प्रदर्शन का मूल्यांकन उनकी सेवा के दौरान समय-समय पर किया जाता है।
इस मूल्यांकन में शारीरिक फिटनेस, प्रेरणा, मनोबल, अनुशासन और तकनीकी दक्षता जैसे कारक शामिल होते हैं। सेवा के दूसरे कार्यकाल का उद्देश्य अग्निवीरों को अपने कौशल और अनुभव को बेहतर बनाने के और अधिक अवसर प्रदान करना है। इससे सशस्त्र बलों को प्रशिक्षित और अनुभवी जनशक्ति बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। सेवा के दूसरे कार्यकाल के दौरान, अग्निवीरों को अधिक वेतन और सेवा निधि (सर्विस फंड) का बढ़ा हुआ लाभ मिलेगा, जिससे उन्हें सेवा के अतिरिक्त दो वर्षों के लिए बेहतर वित्तीय लाभ प्राप्त होगा।
जनरल सुब्रमण्यम ने आगे कहा कि सेवा का दूसरा कार्यकाल सशस्त्र बलों को लंबे समय तक अग्निवीरों के अनुभव का लाभ उठाने का मौका देगा। अपने शुरुआती चार वर्षों के दौरान, अग्निवीर सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और विभिन्न जिम्मेदारियों का अनुभव प्राप्त करते हैं। अतिरिक्त दो वर्ष इस अनुभव को और अधिक मजबूत करने में मदद करेंगे।
इस नई व्यवस्था का लक्ष्य संगठनात्मक आवश्यकताओं, परिचालन प्रभावशीलता और अग्निवीरों के प्रदर्शन के बीच संतुलन बनाना है। सरकार के इस फैसले को सशस्त्र बलों में अग्निवीरों को लंबे समय तक सेवा करने का एक अतिरिक्त अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
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