UN महासभा में आमने सामने आ सकते हैं ट्रंप और पेजेश्कियान
अमेरिका ईरान तनाव
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच दुनिया की नजर अब न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) पर टिक गई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान मंगलवार 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क रवाना होने वाले हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह पेजेश्कियान से मुलाकात के लिए तैयार हो सकते हैं। हालांकि दोनों नेताओं के बीच किसी बैठक की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पेजेश्कियान की न्यूयॉर्क यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बेहद गंभीर बना हुआ है। हाल के दिनों में दोनों पक्षों की ओर से तीखे बयान सामने आए हैं। क्षेत्र में हूती हमलों और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है। इन घटनाक्रमों के बीच UN महासभा को कूटनीतिक बातचीत के एक संभावित मंच के तौर पर देखा जा रहा है।
ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक पेजेश्कियान संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। इसके अलावा उनका कई देशों के नेताओं और अधिकारियों के साथ मुलाकात का कार्यक्रम है। वह अमेरिका में रहने वाले ईरानी समुदाय के लोगों से भी मिल सकते हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची राष्ट्रपति से पहले ही न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो चुके हैं। अमेरिका ने पेजेश्कियान और अराघची समेत ईरान के मुख्य प्रतिनिधिमंडल को UN महासभा में शामिल होने के लिए वीजा जारी किया है। हालांकि ईरानी प्रतिनिधिमंडल की न्यूयॉर्क में आवाजाही और खरीदारी पर कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने इसे संयुक्त राष्ट्र के मेजबान देश के रूप में अमेरिका के दायित्वों के अनुरूप बताया है।
इस बीच ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या वह न्यूयॉर्क में पेजेश्कियान से मुलाकात करेंगे तो उन्होंने संकेत दिया कि वह इसके लिए तैयार हैं। हालांकि पेजेश्कियान का नाम ट्रंप की घोषित बैठकों की सूची में नहीं है और दोनों पक्षों ने अब तक बैठक का समय या स्थान तय होने की जानकारी नहीं दी है। ऐसे में संभावित ट्रंप-पेजेश्कियान मुलाकात को लेकर स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है। UN महासभा के दौरान ट्रंप की खाड़ी देशों के नेताओं के साथ भी ईरान और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत प्रस्तावित है। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के प्रतिनिधियों के साथ होने वाली चर्चा में ईरान से जुड़े हालात प्रमुख मुद्दा रहने की संभावना है।
ईरान और अमेरिका के बीच सीधे संवाद की संभावना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि दोनों देशों के बीच हाल के महीनों में सैन्य और कूटनीतिक तनाव बढ़ा है। न्यूयॉर्क में दोनों राष्ट्रपतियों की मौजूदगी से बातचीत की संभावना जरूर बनी है, लेकिन औपचारिक बैठक होगी या नहीं, इसे लेकर अभी किसी पक्ष ने पुष्टि नहीं की है। फिलहाल दुनिया की निगाहें संयुक्त राष्ट्र महासभा पर हैं। पेजेश्कियान के संबोधन और ट्रंप की बैठकों से यह संकेत मिल सकता है कि दोनों देश तनाव बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ते हैं या कूटनीतिक बातचीत के लिए कोई रास्ता निकलता है।