कराची। पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में रसोई गैस यानी एलपीजी (LPG) की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ा दी हैं। शहर में एलपीजी की बिक्री सरकारी निर्धारित दरों से लगभग दोगुनी कीमत पर किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। कीमतों में भारी अंतर ने बाजार की निगरानी, आपूर्ति व्यवस्था और उपभोक्ता संरक्षण को लेकर सरकारी तंत्र की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।कराची में एलपीजी की कीमतों को लेकर सामने आई स्थिति ऐसे समय में चिंता बढ़ा रही है, जब बड़ी संख्या में परिवार खाना पकाने के लिए गैस पर निर्भर हैं। प्राकृतिक गैस की उपलब्धता में कमी या आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में एलपीजी कई घरों और छोटे व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण विकल्प बन जाती है। ऐसे में इसकी कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की दैनिक जरूरतों पर पड़ता है।
सरकारी दर और बाजार कीमत में भारी अंतर
पाकिस्तान में तेल एवं गैस नियामक प्राधिकरण (OGRA) एलपीजी की आधिकारिक कीमतें निर्धारित करता है। नियामक द्वारा घोषित दरों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता प्रदान करना और बाजार में मनमानी कीमतों पर नियंत्रण रखना है।हालांकि कराची में सरकारी दरों और वास्तविक बिक्री कीमतों के बीच बड़े अंतर की शिकायतें सामने आई हैं। कुछ विक्रेताओं द्वारा निर्धारित कीमत से लगभग दोगुनी राशि वसूले जाने के आरोप हैं। इस स्थिति में उपभोक्ताओं को निर्धारित दर का लाभ नहीं मिल पा रहा है।कीमतों में अंतर की सटीक सीमा अलग-अलग क्षेत्रों और विक्रेताओं के अनुसार बदल सकती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में अक्टूबर 2026 की आधिकारिक प्रति किलोग्राम दर और कराची के बाजार की सत्यापित औसत बिक्री दर का पूरा विवरण स्पष्ट नहीं है।
24 घंटे में 50 रुपये महंगी हुई एलपीजी
31 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, कराची में एलपीजी की कीमत एक ही दिन में 50 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम बढ़कर 550 रुपये तक पहुंच गई। अक्टूबर के लिए OGRA की अधिसूचित दर 279.34 रुपये प्रति किलोग्राम है। इस हिसाब से उपभोक्ताओं को प्रति किलोग्राम लगभग 270.66 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे हैं।सरकारी दर के अनुसार 11.8 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत करीब 3,296 रुपये निर्धारित है, जबकि 550 रुपये प्रति किलोग्राम की बाजार दर पर उतनी ही गैस लगभग 6,490 रुपये में पड़ रही है। यह अंतर घरेलू बजट पर भारी दबाव डाल रहा है।
ईरान से गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से बढ़ा संकट
कराची में एलपीजी की कीमतें बढ़ने का एक प्रमुख कारण ईरान से होने वाली आपूर्ति में व्यवधान बताया जा रहा है। पाकिस्तान अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। ईरान से आने वाली गैस की खेप प्रभावित होने के कारण बाजार में उपलब्धता कम हुई है।रिपोर्टों के मुताबिक, 17 अक्टूबर को पाकिस्तान और ईरान के बीच प्रमुख सीमा मार्ग बंद होने से एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। इसके बाद बाजार में कमी और कीमतों में तेजी देखने को मिली। व्यापारियों का कहना है कि आयात सामान्य होने और गैस बाजार तक पहुंचने में समय लग सकता है।
दुकानदारों की बिक्री में 50 प्रतिशत तक गिरावट
महंगी एलपीजी का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं पर नहीं, बल्कि छोटे दुकानदारों और गैस विक्रेताओं पर भी पड़ रहा है। कराची के कुछ दुकानदारों ने दावा किया है कि उन्हें विपणन कंपनियों से ही गैस अधिक कीमत पर मिल रही है।कीमतें बढ़ने के कारण ग्राहकों ने खरीदारी कम कर दी है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, कुछ दुकानों पर बिक्री में 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है। दुकानदारों का कहना है कि महंगी खरीद और घटती बिक्री के कारण उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है।
रोटी और खाने-पीने की चीजें भी हो सकती हैं महंगी
एलपीजी संकट का असर खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी पड़ने की आशंका है। कराची में तंदूर, बेकरी, छोटे होटल और भोजन तैयार करने वाले कई व्यवसाय गैस का इस्तेमाल करते हैं।ईंधन की लागत बढ़ने से इन कारोबारियों के परिचालन खर्च में वृद्धि हो सकती है। ऐसे में रोटी, बेकरी उत्पाद और तैयार भोजन की कीमतें बढ़ने का खतरा है। परिवहन क्षेत्र में एलपीजी इस्तेमाल करने वाले वाहनों का खर्च भी प्रभावित हो सकता है।
सरकार की निगरानी व्यवस्था पर सवाल
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष इरफान खोखर ने कीमतों में बढ़ोतरी पर चिंता जताते हुए नियामक व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी दरों का पालन सुनिश्चित नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं से अधिक कीमत वसूली जा रही है।दूसरी ओर पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा है कि सरकार अधिक कीमत वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। उन्होंने वैकल्पिक आयात और आपूर्ति बढ़ाने के प्रयासों की भी जानकारी दी है।
सर्दियों से पहले और बढ़ सकती है परेशानी
पाकिस्तान में सर्दियों के दौरान गैस की मांग बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में आपूर्ति व्यवस्था जल्द सामान्य नहीं हुई तो कराची सहित अन्य शहरों में कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि सरकारी दर घोषित होने के बावजूद उन्हें बाजार में उसी कीमत पर गैस उपलब्ध नहीं हो रही है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि पाकिस्तान सरकार आयात व्यवस्था सुधारने, कीमतों की निगरानी मजबूत करने और अतिरिक्त वसूली रोकने के लिए कितनी प्रभावी कार्रवाई करती है।
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