तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच कूटनीतिक समाधान की कोशिशें तेज हो गई हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका की ओर से बातचीत शुरू करने के प्रयास को सकारात्मक कदम बताया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल अमेरिकी अधिकारियों के साथ सीधे मुलाकात करने की कोई योजना नहीं है।
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को अल जजीरा से बातचीत में अराघची ने बताया कि ईरान ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से भेजे गए पत्र का उच्चस्तरीय बैठकों में अध्ययन किया है। उन्होंने कहा कि बातचीत का रास्ता खोलने की अमेरिकी पहल सकारात्मक है, लेकिन आगे की प्रक्रिया ईरान की शर्तों पर निर्भर करेगी।
इस बीच ईरानी प्रतिनिधिमंडल कतर की राजधानी दोहा पहुंचा है। वहां कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के साथ बातचीत जारी है। अराघची के अनुसार, उनका एक सहयोगी दोहा में मौजूद है और ईरान की शर्तों को लेकर विचार-विमर्श कर रहा है। बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने का मुद्दा महत्वपूर्ण बना हुआ है। ईरान ने प्रतिबंधों में राहत, क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी कम करने और विदेशों में जमा अपनी धनराशि जारी करने जैसी मांगें रखी हैं।
अराघची ने बताया कि मध्यस्थों के साथ चर्चा के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की प्रस्तावित प्रक्रिया को दो दिनों में पूरा करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष बातचीत का फैसला उसकी शर्तों पर सहमति बनने के बाद ही होगा। दूसरी ओर, क्षेत्र में सैन्य तनाव बरकरार है। ईरान ने कहा है कि वह संभावित हमले सहित सभी परिस्थितियों के लिए तैयार है। फिलहाल कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता से बातचीत जारी है, लेकिन दोनों देशों के बीच किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है।
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