Islamabad इस्लामाबाद। पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो (पीबीएस) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त में पाकिस्तान की शीर्ष मुद्रास्फीति दर सालाना आधार पर 11.1 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो जुलाई में 9.2 प्रतिशत थी। पीबीएस के आंकड़ों के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति अगस्त 2025 में 3.1 प्रतिशत रही।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, मासिक आधार पर अगस्त में मुद्रास्फीति में 1.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो पिछले महीने के समान ही रही। अगस्त 2025 में इसमें 0.6 प्रतिशत की कमी आई थी। शहरी मुद्रास्फीति अगस्त में सालाना आधार पर 10.4 प्रतिशत तक बढ़ गई, जो जुलाई में 8.7 प्रतिशत थी। जबकि अगस्त 2025 में यह 3.5 प्रतिशत थी। मासिक आधार पर, शहरी सीपीआई मुद्रास्फीति में अगस्त में 0.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि जुलाई में इसमें 1.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। वहीं, अगस्त 2025 में इसमें 0.7 प्रतिशत की कमी आई थी।
अगस्त में ग्रामीण मुद्रास्फीति में वार्षिक आधार पर 12.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि जुलाई में यह 9.9 प्रतिशत और अगस्त 2025 में 2.5 प्रतिशत थी। मासिक आधार पर, अगस्त में ग्रामीण सीपीआई मुद्रास्फीति में 1.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि जुलाई में यह 1.2 प्रतिशत थी और अगस्त 2025 में 0.5 प्रतिशत की कमी आई थी। संवेदनशील मूल्य संकेतक (एसपीआई) आधारित मुद्रास्फीति में अगस्त में वार्षिक आधार पर 9.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि जुलाई में यह 12 प्रतिशत और अगस्त 2025 में 2.6 प्रतिशत थी। मासिक आधार पर, अगस्त में एसपीआई मुद्रास्फीति में 0.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि जुलाई में यह 2.4 प्रतिशत और अगस्त 2025 में 3.2 प्रतिशत थी।
पाकिस्तान ने जुलाई 2026 में 328 मिलियन अमेरिकी डॉलर का चालू खाता घाटा दर्ज किया। यह जून में 814 मिलियन डॉलर और जुलाई में 529 मिलियन डॉलर से कम है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) द्वारा पिछले महीने जारी आंकड़ों के अनुसार, 2025 तक घाटे में कमी आने की संभावना है। वस्तुओं के निर्यात में वृद्धि से घाटे में कमी आई है, जो मासिक आधार पर 17 प्रतिशत और वार्षिक आधार पर 9 प्रतिशत बढ़कर 3 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
जुलाई माह में भी सेवाओं का घाटा बना रहा। सेवाओं का निर्यात 927 मिलियन डॉलर रहा जबकि आयात 1.16 बिलियन डॉलर था, जिसके परिणामस्वरूप सेवाओं के व्यापार में 228 मिलियन डॉलर का घाटा हुआ। इसके फलस्वरूप, वस्तुओं और सेवाओं में कुल व्यापार घाटा बढ़कर 3.37 बिलियन डॉलर हो गया। जुलाई माह में श्रमिकों द्वारा भेजी गई रकम 3.6 बिलियन डॉलर रही, जबकि अन्य चालू हस्तांतरणों से अतिरिक्त 252 मिलियन डॉलर का योगदान मिला।