न्यूयॉर्क। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तानी पत्रकार के आतंकवाद से जुड़े सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र से इतर आयोजित कार्यक्रम में पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। इस पर जयशंकर ने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, “एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है।”यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब जयशंकर लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेसोलो न्यान्ती के साथ मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक कार्यक्रम का प्रारूप मुख्य रूप से दोनों पक्षों के बयानों के लिए निर्धारित था। इसी दौरान आखिर में एक पाकिस्तानी पत्रकार ने सवाल करते हुए भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
पत्रकार का सवाल पूरा होने के बाद जयशंकर ने पाकिस्तान को निशाने पर लेते हुए जवाब दिया। उनका बयान भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे आतंकवाद से जुड़े आरोप-प्रत्यारोप की पृष्ठभूमि में आया है। भारत लगातार पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग करता रहा है।हालांकि पाकिस्तान भी भारत पर अपने यहां हिंसक गतिविधियों को समर्थन देने के आरोप लगाता रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सितंबर 2026 में भी आरोप लगाया था कि भारत पाकिस्तान के कुछ हिस्सों, विशेष रूप से बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देता है। भारत ऐसे आरोपों को खारिज करता रहा है।
इसलिए शुक्रवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुआ यह संवाद दोनों देशों के बीच आतंकवाद को लेकर मौजूद गहरे मतभेद को एक बार फिर सामने लाता है। जयशंकर ने पत्रकार के आरोप पर विस्तृत जवाब देने के बजाय एक वाक्य में पाकिस्तान पर पलटवार किया।भारत के विदेश मंत्रालय ने भी हाल में सीमा पार आतंकवाद को लेकर अपनी स्थिति दोहराई थी। 22 सितंबर की मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय और ठोस कार्रवाई दिखानी चाहिए।
जयशंकर इससे पहले भी संयुक्त राष्ट्र के मंच पर पाकिस्तानी पत्रकारों के आतंकवाद से जुड़े सवालों का जवाब दे चुके हैं। दिसंबर 2022 में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक पाकिस्तानी पत्रकार ने उनसे दक्षिण एशिया में आतंकवाद को लेकर सवाल किया था। उस समय जयशंकर ने कहा था कि यह सवाल पाकिस्तान के मंत्री से पूछा जाना चाहिए और पाकिस्तान को आतंकवाद से जुड़े अपने रिकॉर्ड पर गौर करना चाहिए।उस पुराने घटनाक्रम और शुक्रवार के ताजा जवाब में समानता यह है कि दोनों मौकों पर जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की भूमिका को केंद्र में रखा। भारत की आधिकारिक विदेश नीति में भी पाकिस्तान से जुड़े द्विपक्षीय संबंधों में सीमा पार आतंकवाद लंबे समय से प्रमुख मुद्दा रहा है।
पाकिस्तान का पक्ष इससे अलग है। इस्लामाबाद का कहना है कि वह खुद आतंकवाद से गंभीर रूप से प्रभावित देश है और उसने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी संख्या में नागरिकों तथा सुरक्षा बलों के जवानों को खोया है। पाकिस्तान सरकार भारत पर भी उसके क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने का आरोप लगाती है। भारत इन आरोपों को स्वीकार नहीं करता।दोनों देशों के बीच इस तरह के आरोप केवल द्विपक्षीय मंचों तक सीमित नहीं रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत और पाकिस्तान आतंकवाद, जम्मू-कश्मीर और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर एक-दूसरे के दावों का जवाब देते रहे हैं।
जयशंकर इन दिनों संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका में हैं। इस दौरान उनकी विभिन्न देशों के नेताओं और विदेश मंत्रियों के साथ बैठकें हो रही हैं। भारत वैश्विक मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता पर लगातार जोर देता रहा है।शुक्रवार का घटनाक्रम इसलिए चर्चा में आया क्योंकि निर्धारित मीडिया कार्यक्रम के आखिर में पूछे गए सवाल पर जयशंकर ने लंबी प्रतिक्रिया देने के बजाय सीधे पाकिस्तान को निशाने पर लिया। सोशल मीडिया और भारतीय मीडिया में उनके जवाब का वीडियो भी तेजी से प्रसारित हुआ।
भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर आरोप-प्रत्यारोप की पृष्ठभूमि काफी पुरानी है। मुंबई के 26/11 हमलों और अन्य आतंकवादी घटनाओं को लेकर भारत ने पाकिस्तान स्थित संगठनों और व्यक्तियों पर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर पाकिस्तान अपने क्षेत्र में होने वाली हिंसा के लिए कई बार भारत पर आरोप लगाता रहा है। दोनों देशों के दावों को उनके संबंधित आधिकारिक रुख के रूप में देखना जरूरी है और प्रत्येक विशिष्ट आरोप के लिए स्वतंत्र साक्ष्य का मूल्यांकन अलग से किया जाता है।मौजूदा घटनाक्रम में भी पाकिस्तानी पत्रकार की ओर से भारत पर लगाया गया आरोप एक आरोप था, जबकि जयशंकर ने उसके जवाब में पाकिस्तान पर तीखी टिप्पणी की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस संक्षिप्त संवाद ने एक बार फिर दिखाया कि आतंकवाद का मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक संबंधों में कितना संवेदनशील बना हुआ है।
UNGA के 81वें सत्र के दौरान विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर कूटनीतिक गतिविधियां जारी हैं। इसी बीच जयशंकर और पाकिस्तानी पत्रकार के बीच हुआ यह संवाद भारत-पाकिस्तान संबंधों से जुड़े आतंकवाद के विवाद को फिर सुर्खियों में ले आया है। भारत की ओर से सीमा पार आतंकवाद पर कार्रवाई की मांग जारी है, जबकि पाकिस्तान भारत के खिलाफ अपने आरोप दोहराता रहा है। दोनों देशों के परस्पर विरोधी दावों के बीच शुक्रवार को जयशंकर का यह जवाब राजनीतिक और कूटनीतिक चर्चा का विषय बन गया।
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