New York. न्यूयॉर्क। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अल बुसैदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच खाड़ी क्षेत्र के ताजा घटनाक्रम को लेकर बातचीत हुई। जयशंकर ने बैठक की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की और ओमान के विदेश मंत्री की ओर से खाड़ी की स्थिति पर दी गई जानकारी की सराहना की। जयशंकर ने अपने पोस्ट में अल बुसैदी को अपना मित्र बताते हुए उनसे हुई मुलाकात पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि ओमान के विदेश मंत्री ने खाड़ी क्षेत्र के मौजूदा हालात से उन्हें अवगत कराया। हालांकि जयशंकर ने अपने संक्षिप्त पोस्ट में बातचीत के अन्य विषयों का विस्तृत विवरण नहीं दिया।



यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समुद्री सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भारत की कूटनीतिक बातचीत में प्रमुखता से शामिल हैं। जुलाई 2026 में भी जयशंकर ने मस्कट में अल बुसैदी के साथ व्यापक बातचीत की थी। उस बैठक में दोनों पक्षों ने खाड़ी के घटनाक्रम और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के प्रयासों पर विचार साझा किए थे। भारत और ओमान के बीच रणनीतिक साझेदारी है। दोनों देशों के संबंध व्यापार, निवेश, समुद्री सहयोग, कनेक्टिविटी, रक्षा, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों तक फैले हुए हैं। जुलाई की बैठक में भी दोनों विदेश मंत्रियों ने इन क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की थी।
खाड़ी क्षेत्र में ओमान की कूटनीतिक भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। जुलाई में हुई बातचीत के दौरान ओमान के विदेश मंत्री ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए जारी कूटनीतिक प्रयासों का उल्लेख किया था। जयशंकर ने उस समय क्षेत्रीय घटनाक्रम के दौरान भारतीय नाविकों को दी गई सहायता के लिए ओमान सरकार की सराहना भी की थी।
भारत और ओमान के विदेश मंत्रियों के बीच नियमित संपर्क दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों का हिस्सा रहा है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार दोनों पक्ष विभिन्न द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर लगातार संवाद करते रहे हैं। ताजा मुलाकात में जयशंकर ने मुख्य रूप से खाड़ी क्षेत्र पर अल बुसैदी से मिले अपडेट का उल्लेख किया है। बैठक से जुड़े अन्य विस्तृत बिंदुओं की आधिकारिक जानकारी सामने आने पर बातचीत के पूरे दायरे की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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