UN में ईरानी विदेश मंत्री से मिले जयशंकर, खाड़ी संघर्ष के ताजा हालात पर हुई चर्चा
New York. न्यूयॉर्क। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष और उससे जुड़े ताजा घटनाक्रम पर बातचीत हुई। जयशंकर ने बैठक के बाद कहा कि दोनों पक्ष आगे भी संपर्क बनाए रखेंगे। विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि ईरान के विदेश मंत्री अराघची के साथ बातचीत उपयोगी रही और दोनों ने खाड़ी संघर्ष से जुड़े नवीनतम घटनाक्रम पर चर्चा की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मुद्दे संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान प्रमुख कूटनीतिक विषय बने हुए हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच हाल के दिनों में कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हुई हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरानी अधिकारियों ने बातचीत के जरिए तनाव कम करने के संकेत दिए हैं, हालांकि दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद बरकरार हैं। खाड़ी क्षेत्र की स्थिति का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर भी देखा जा रहा है। जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान लगातार विभिन्न देशों के नेताओं और विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कर रहे हैं। उन्होंने इराक के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री फुआद हुसैन से मुलाकात के दौरान भी पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया और भारत-इराक आर्थिक एवं ऊर्जा संबंधों पर चर्चा की।
भारत के लिए खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और वैश्विक बाजारों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति कई देशों की कूटनीतिक बैठकों के केंद्र में है। जयशंकर और अराघची इससे पहले भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा कर चुके हैं। मई 2026 में नई दिल्ली में हुई मुलाकात में दोनों विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय घटनाक्रम और उसके प्रभावों के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया था। ताजा बैठक के बाद जयशंकर का संपर्क बनाए रखने संबंधी बयान संकेत देता है कि भारत खाड़ी क्षेत्र के घटनाक्रम को लेकर ईरान के साथ राजनयिक संवाद जारी रखेगा।