तेहरान: ईरान ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका के एक और समुद्री ड्रोन को पकड़ लिया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसे Mk 18 Mod 2 Kingfish नामक स्वायत्त अंडरवाटर व्हीकल (AUV) बताया है। हालांकि, अमेरिकी पक्ष ने इस दावे का खंडन किया है।

IRGC के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि यह अमेरिका का दूसरा समुद्री ड्रोन है जिसे ईरानी बलों ने अपने कब्जे में लिया है। ईरान का कहना है कि यह ड्रोन सोनार और आधुनिक नेविगेशन सिस्टम से लैस था और इसका इस्तेमाल निगरानी के लिए किया जा रहा था।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन को पकड़ने की कार्रवाई एक जटिल अभियान के तहत की गई, जिसमें सैन्य खुफिया और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमताओं का इस्तेमाल किया गया। ईरान ने दावा किया है कि ड्रोन से महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी हासिल की जा सकती है। अमेरिका ने ईरान के इस दावे को खारिज किया है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि उनके सभी मानवरहित सिस्टम पर उनका नियंत्रण बना हुआ है और ईरान का दावा सही नहीं है।
Mk 18 Kingfish क्या है?
Mk 18 Mod 2 Kingfish एक स्वायत्त अंडरवाटर व्हीकल है, जिसे समुद्र के अंदर निगरानी, माइन खोजने और समुद्री सर्वेक्षण जैसे अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह बिना चालक के पानी के अंदर काम करने में सक्षम होता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों का परिवहन होता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य गतिविधि को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रखी जाती है।
ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से तनाव रहा है। समुद्री ड्रोन और निगरानी उपकरणों को लेकर दोनों देशों के बीच पहले भी आरोप-प्रत्यारोप सामने आते रहे हैं। इस ताजा मामले में भी दोनों पक्षों के दावों में अंतर दिखाई दे रहा है। फिलहाल ईरान के दावे और अमेरिकी प्रतिक्रिया के बीच स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। स्वतंत्र रूप से इस ड्रोन के कब्जे में आने की पुष्टि नहीं हुई है। मामले पर आगे की जानकारी आने के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी।
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