वाशिंगटन: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले महंगाई और जीवनयापन के खर्च को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक मजाक चर्चा में आ गया है। टेक्सास के कॉर्पस क्रिस्टी में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने अपने आलीशान मार-ए-लागो रिसॉर्ट की महंगी सेवाओं का जिक्र किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वहां 5,000 अमेरिकी डॉलर में शायद एक हैमबर्गर और छोटी-सी मिठाई ही मिल पाए। रैली में मौजूद समर्थकों ने इस टिप्पणी पर हंसी और तालियों से प्रतिक्रिया दी। दूसरी ओर, हर वयस्क अमेरिकी को इतनी राशि देने के उनके चुनावी प्रस्ताव पर डेमोक्रेट्स और कुछ समर्थकों ने भी सवाल उठाए हैं। 
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब वह चुनाव प्रचार में आर्थिक राहत का वादा कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि यदि रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में अपना नियंत्रण बरकरार रखती है, तो प्रत्येक वयस्क अमेरिकी को 5,000 डॉलर का चेक दिया जाएगा। हालांकि, यह अभी चुनावी प्रस्ताव है। इसे मंजूर हो चुकी भुगतान योजना के रूप में नहीं देखा जा सकता। 
मंगलवार की रैली में ट्रंप ने समर्थकों से कहा कि प्रस्तावित राशि मिलने पर उसे अमेरिका के भीतर ही खर्च करें। उन्होंने फ्लोरिडा और देश की अन्य जगहों पर जाने का सुझाव दिया। इसी दौरान अपने फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो क्लब का उल्लेख करते हुए उन्होंने लोगों को वहां आने की बात कही और फिर उसकी महंगी कीमतों को लेकर मजाक किया। उनका आशय था कि खर्च का हिसाब रखने वाले लोगों के लिए वह जगह उपयुक्त नहीं होगी। यह टिप्पणी रिसॉर्ट के वास्तविक मेन्यू की कीमत की घोषणा नहीं थी। 
रैली में मौजूद लोगों ने राष्ट्रपति की इस टिप्पणी को हास्य के रूप में लिया। समर्थक हंसते और तालियां बजाते दिखाई दिए। हालांकि, व्यापक चुनावी बहस में इसी प्रसंग ने आर्थिक राहत के वादे और ट्रंप की आलीशान जीवनशैली को एक साथ चर्चा में ला दिया है। महंगाई से राहत की बात करते हुए महंगे निजी क्लब का जिक्र उनके भाषण का सबसे अधिक ध्यान खींचने वाला हिस्सा बन गया। डेमोक्रेट्स की आपत्ति मुख्य रूप से 5,000 डॉलर देने की पेशकश और उसकी व्यावहारिकता पर है। आलोचकों ने इसे चुनाव से पहले मतदाताओं को लुभाने की कोशिश बताया है। कुछ ने इसे वोट हासिल करने के लिए आर्थिक प्रलोभन देने जैसा करार दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के कुछ ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ समर्थकों ने भी इस प्रस्ताव पर संदेह जताया है। ये राजनीतिक आरोप और प्रतिक्रियाएं हैं; इन्हें किसी कानूनी निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। 
इस प्रस्ताव की लागत भी बहस का बड़ा कारण है। प्रकाशित अनुमान के अनुसार, सभी अमेरिकी वयस्कों को 5,000 डॉलर देने पर लगभग 1.3 ट्रिलियन डॉलर खर्च हो सकते हैं। इतने बड़े भुगतान के लिए धन की व्यवस्था और कांग्रेस की मंजूरी जैसे कदम आवश्यक होंगे। इसलिए चुनावी मंच से की गई घोषणा और नागरिकों के खाते तक रकम पहुंचने के बीच कई नीतिगत तथा वित्तीय प्रक्रियाएं होंगी। 
ट्रंप अमेरिकी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक दावे कर रहे हैं। वहीं, विपक्ष बढ़ती कीमतों और परिवारों की खरीद क्षमता को चुनावी मुद्दा बना रहा है। इस परिस्थिति में एकमुश्त भुगतान का वादा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है। बहस इस बात पर भी केंद्रित है कि प्रस्ताव लागू कैसे होगा और इसके लिए आवश्यक संसाधन कहां से आएंगे। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में भुगतान की किसी स्वीकृत व्यवस्था का उल्लेख नहीं है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों के लिए मतदान होना है। इन चुनावों में कांग्रेस पर नियंत्रण बनाए रखना रिपब्लिकन पार्टी के लिए अहम है। ट्रंप ने अपने आर्थिक सहायता के वादे को भी दोनों सदनों में पार्टी का नियंत्रण बरकरार रहने से जोड़ा है। ऐसे में महंगाई, राहत के वादे और सरकारी खर्च पर उठ रहे सवाल चुनाव प्रचार के महत्वपूर्ण विषय बने हुए हैं। 
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