विमान हाईजैक की कोशिश से सबक, इजरायल ने बढ़ाया सुरक्षा घेरा
फ्लाईदुबई हाईजैक प्रयास के बाद इजरायल सख्त
यरुशलम: फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान को कथित तौर पर हाईजैक कर दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश के करीब एक महीने बाद इजरायल ने विमानन सुरक्षा नियम सख्त कर दिए हैं। नए निर्देशों के तहत एयरलाइंस को उड़ान रवाना होने से कम से कम 48 घंटे पहले पायलट और अन्य क्रू सदस्यों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करानी होगी। इसका उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों को उड़ान से पहले कर्मचारियों की पृष्ठभूमि और संभावित जोखिमों की जांच के लिए पर्याप्त समय देना है। ये निर्देश इजरायली और विदेशी एयरलाइंस की देश में आने तथा यहां से रवाना होने वाली उड़ानों पर लागू होंगे।
नई व्यवस्था में क्रू की जानकारी भेजने की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी। एयरलाइंस को शुरुआती सूची 48 घंटे पहले देनी होगी। इसके बाद चेक-इन की अवधि के दौरान किसी सदस्य की ड्यूटी या संबंधित जानकारी में बदलाव होता है तो अद्यतन विवरण देना होगा। यह अपडेट निर्धारित प्रस्थान समय से अधिकतम दो घंटे पहले पहुंचना चाहिए। विमान रवाना होते समय अंतिम सूची भी भेजनी होगी। इससे शुरुआती सूची में शामिल कर्मचारियों और वास्तव में विमान में तैनात क्रू के बीच अंतर होने पर अधिकारियों को उसकी जानकारी मिल सकेगी।
इजरायल के कर प्राधिकरण के अंतर्गत काम करने वाले राष्ट्रीय यात्री डेटा विश्लेषण केंद्र ने नई रिपोर्टिंग प्रक्रिया जारी की है। संबंधित नीति पर आधारित रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्येक अपडेट में पूरी मौजूदा क्रू सूची भेजनी होगी। केवल बदले हुए नाम या विवरण भेजना पर्याप्त नहीं होगा। क्रू का डेटा यात्रियों की जानकारी से अलग जमा किया जाएगा। कोडशेयर उड़ान में यह जिम्मेदारी विमान संचालित करने वाली एयरलाइन की होगी। बाहरी सेवा प्रदाता के माध्यम से डेटा भेजे जाने पर भी उसकी सटीकता और समय पर रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी एयरलाइन पर बनी रहेगी।
इन बदलावों की पृष्ठभूमि में 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई घटना है। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, सह-पायलट ने मुख्य पायलट पर हमला किया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की। यात्रियों और क्रू सदस्यों के हस्तक्षेप से हमलावर को काबू किया गया। इसके बाद विमान में मौजूद एयरलाइन के अन्य पायलटों ने नियंत्रण संभाला और सऊदी अरब में सुरक्षित लैंडिंग कराई। इस घटना के तुरंत बाद इजरायल ने पायलटों की सुरक्षा जांच बढ़ाने की बात कही थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के समय विमान की कमान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर के हाथ में थी। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने प्रतिरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता पाई। इससे यात्रियों और क्रू को हस्तक्षेप करने का मौका मिला। विमान में यात्रा कर रहे दो ऑफ-ड्यूटी फ्लाईदुबई पायलटों ने बाद में विमान को सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर उतारा। कैप्टन और साथी क्रू सदस्यों को यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में दिखाई गई बहादुरी के लिए संयुक्त अरब अमीरात में सम्मानित भी किया गया है।
इस घटनाक्रम के बाद विदेशी एयरलाइंस के पायलटों और कर्मचारियों की जांच को लेकर इजरायल की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठे। खासकर यह मुद्दा सामने आया कि संबंधित एजेंसियों को क्रू की सूची किस समय मिलती थी और संभावित जोखिम पहचानने के लिए कितना वक्त उपलब्ध रहता था। कुछ रिपोर्टों में सूची विमान उड़ने के बाद मिलने का उल्लेख किया गया। नई समयसीमा इसी अंतर को कम करने की कोशिश है। हालांकि, पहले से जानकारी मिलना और उसके आधार पर प्रभावी जांच होना अलग चरण हैं, इसलिए नई व्यवस्था में एजेंसियों के बीच समन्वय भी अहम रहेगा।
सुरक्षा संबंधी दूसरे निर्देशों में क्रू सदस्यों की नागरिकता और दोहरी नागरिकता की जांच भी शामिल है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं रखने वाले देशों से जुड़े पायलटों तथा कर्मचारियों पर प्रतिबंध या अतिरिक्त जांच की व्यवस्था की गई है। परिवहन मंत्रालय के एक पूर्व निर्देश में एयरलाइन संचालकों से ऐसे पायलटों और कॉकपिट कर्मचारियों की नियुक्ति के संबंध में निर्धारित शर्तों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया था। मंत्रालय ने सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा और मौके पर निरीक्षण करने की बात भी कही थी।
इजरायली प्रसारक चैनल 13 की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी पायलटों, केबिन क्रू और यात्रियों के प्रवेश संबंधी ऑनलाइन विवरण की जांच भी बढ़ाई जाएगी। संवेदनशील श्रेणी में रखे गए देशों से आने वाले लोगों के मामलों में अतिरिक्त समीक्षा का प्रावधान बताया गया है। इसके साथ ही विदेशी एयरलाइंस की इजरायल आने वाली उड़ानों और उनके विदेशी प्रस्थान केंद्रों की सुरक्षा प्रक्रियाओं में शिन बेट की भूमिका बढ़ाने की जानकारी सामने आई है। इन अतिरिक्त प्रावधानों का विवरण मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। एयरलाइंस के लिए नई व्यवस्था का सीधा असर क्रू की ड्यूटी तय करने और अंतिम समय में कर्मचारियों को बदलने की प्रक्रिया पर पड़ेगा। निर्धारित समय पर पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए संचालन और सुरक्षा विभागों को तालमेल बनाना होगा। यात्रियों के लिए यह अंतर समझना भी जरूरी है कि क्रू की जानकारी 48 घंटे पहले भेजने की शर्त एयरलाइंस की रिपोर्टिंग जिम्मेदारी है। इस घोषणा में यात्रियों के लिए हवाई अड्डे पर 48 घंटे पहले पहुंचने जैसी कोई नई शर्त नहीं बताई गई है।