क्वेटा। पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में एक एडिशनल सेशन जज के रहस्यमय परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। जज असदुल्ला रायसानी 6 अक्टूबर 2026 को क्वेटा से पंजगुर की यात्रा पर निकले थे, लेकिन रास्ते में सुराब इलाके से गुजरते समय उनसे संपर्क टूट गया। इसके बाद से उनके ठिकाने के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इस घटना को लेकर पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने गंभीर चिंता जताई है और संबंधित अधिकारियों से जज का जल्द पता लगाने तथा उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है।मानवाधिकार आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि बलूचिस्तान की सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए इस मामले पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। आयोग ने अधिकारियों से कहा कि वे असदुल्ला रायसानी की तलाश के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं और उनके परिवार को घटनाक्रम से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराते रहें।
6 अक्टूबर को क्वेटा से पंजगुर के लिए निकले थे जज
पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग के अनुसार, एडिशनल सेशन जज असदुल्ला रायसानी 6 अक्टूबर को बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा से पंजगुर जाने के लिए रवाना हुए थे।यात्रा के दौरान जब वह सुराब इलाके से गुजर रहे थे, तभी उनसे संपर्क टूट गया। इसके बाद उनके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।मानवाधिकार आयोग ने अपने बयान में यात्रा की तारीख और संपर्क टूटने वाले स्थान का उल्लेख किया है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जज किस वाहन से यात्रा कर रहे थे और उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था या नहीं।इसी तरह उनके अंतिम बार संपर्क में आने के सटीक समय की जानकारी भी सामने नहीं आई है।
मानवाधिकार आयोग ने जताई गंभीर चिंता
पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने जज के लापता होने की घटना को चिंताजनक बताया है।आयोग ने कहा कि बलूचिस्तान में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।HRCP ने अधिकारियों से असदुल्ला रायसानी का पता लगाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।मानवाधिकार संस्था ने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारियों को उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक प्रयास करना चाहिए।आयोग की चिंता का प्रमुख कारण एक न्यायिक अधिकारी का यात्रा के दौरान अचानक संपर्क से बाहर हो जाना है।
परिवार को लगातार जानकारी देने की अपील
मानवाधिकार आयोग ने केवल जज की तलाश करने की मांग नहीं की, बल्कि उनके परिवार को भी घटनाक्रम के बारे में जानकारी देते रहने पर जोर दिया है।HRCP ने अधिकारियों से अपील की है कि वे तलाश से संबंधित प्रगति और उपलब्ध सूचनाएं परिवार के साथ साझा करें।किसी व्यक्ति के लापता होने की स्थिति में उसके परिजनों के लिए जानकारी का अभाव गंभीर चिंता का कारण बन सकता है।ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों और परिवार के बीच नियमित संवाद महत्वपूर्ण होता है।हालांकि, उपलब्ध विवरण में असदुल्ला रायसानी के परिवार की ओर से जारी किसी अलग बयान का उल्लेख नहीं किया गया है।
सुराब इलाके से गुजरते समय टूटा संपर्क
HRCP के अनुसार, असदुल्ला रायसानी क्वेटा से पंजगुर जा रहे थे। इसी यात्रा के दौरान सुराब क्षेत्र में उनसे संपर्क टूट गया।सुराब बलूचिस्तान प्रांत का एक इलाका है और यह प्रांत के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाले सड़क मार्गों से संबंधित है।हालांकि, जज के लापता होने के पीछे की परिस्थितियों के बारे में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।यह स्पष्ट नहीं है कि उनका संपर्क किसी तकनीकी कारण से टूटा या घटना के पीछे कोई अन्य वजह है।इसी तरह उनके अपहरण, दुर्घटना या किसी अन्य घटना का शिकार होने की भी उपलब्ध जानकारी में पुष्टि नहीं हुई है।इसलिए फिलहाल उनके लापता होने को किसी विशेष कारण से जोड़ना उचित नहीं होगा।
बलूचिस्तान की सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता
पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत लंबे समय से सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के कारण चर्चा में रहा है।प्रांत के विभिन्न हिस्सों में हिंसा, सुरक्षा अभियानों और लोगों के लापता होने से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं।मानवाधिकार संगठनों ने भी समय-समय पर इस क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा और लापता व्यक्तियों के मामलों को लेकर चिंता व्यक्त की है।हालांकि, असदुल्ला रायसानी के मामले को इन घटनाओं से सीधे जोड़ने वाला कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है।HRCP ने अपने बयान में बलूचिस्तान की सुरक्षा परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए जज की तलाश में तत्परता बरतने की आवश्यकता बताई है।
न्यायिक अधिकारी के लापता होने से उठे सवाल
एडिशनल सेशन जज न्यायिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में किसी न्यायिक अधिकारी का यात्रा के दौरान अचानक लापता हो जाना सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है।न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा का संबंध न्यायिक संस्थाओं के स्वतंत्र और प्रभावी कामकाज से भी होता है।हालांकि, इस मामले में जज असदुल्ला रायसानी को किसी विशेष खतरे की जानकारी पहले से थी या नहीं, इसका कोई विवरण सामने नहीं आया है।यह भी स्पष्ट नहीं है कि उनकी यात्रा के दौरान सुरक्षा संबंधी कोई विशेष व्यवस्था की गई थी या नहीं।इन सवालों के जवाब संबंधित अधिकारियों की जांच और आधिकारिक जानकारी से ही मिल सकते हैं।
अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग
पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने संबंधित अधिकारियों से इस मामले को प्राथमिकता देने की अपील की है।आयोग ने कहा है कि असदुल्ला रायसानी का पता लगाने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।HRCP ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि मामले में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पुलिस या अन्य सुरक्षा एजेंसियों की ओर से शुरू किए गए किसी विशेष तलाशी अभियान का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।इसलिए अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जज की तलाश के लिए किन-किन क्षेत्रों में कार्रवाई की जा रही है।
सुरक्षित वापसी की मांग
मानवाधिकार आयोग ने असदुल्ला रायसानी के लापता होने को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।संस्था ने कहा कि जज की तलाश के दौरान परिवार को लगातार जानकारी उपलब्ध कराना भी जरूरी है।फिलहाल उपलब्ध विवरण में जज के ठिकाने, उनके संपर्क टूटने के वास्तविक कारण और उनकी वर्तमान स्थिति की पुष्टि नहीं हुई है।बलूचिस्तान में एडिशनल सेशन जज असदुल्ला रायसानी के लापता होने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।** वह 6 अक्टूबर को क्वेटा से पंजगुर के लिए रवाना हुए थे और सुराब इलाके में उनसे संपर्क टूट गया था। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने अधिकारियों से मामले में तत्काल कार्रवाई करने, परिवार को जानकारी देते रहने और जज की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है।