प्रौद्योगिकीय : भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक कार बाजार में ग्राहकों को आने वाले समय में दो नए किफायती विकल्प मिल सकते हैं। वियतनाम की इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी VinFast भारतीय ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए दो नई इलेक्ट्रिक कार विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। खास बात यह है कि इन कारों को किसी मौजूदा ग्लोबल मॉडल को भारत के मुताबिक बदलकर तैयार करने के बजाय शुरुआत से ही भारतीय बाजार की जरूरतों और कीमत को ध्यान में रखकर विकसित किया जा सकता है।
Reuters की 10 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक इन दोनों प्रस्तावित इलेक्ट्रिक कारों को फिलहाल कंपनी के भीतर **VF X और VF Y** कोडनेम दिया गया है। इनमें VF X को एंट्री-लेवल मॉडल के रूप में तैयार करने की योजना है और इसकी कीमत 12,000 डॉलर से कम रखने का लक्ष्य बताया गया है। भारतीय मुद्रा में यह रकम मौजूदा विनिमय दर के आसपास करीब 11 लाख रुपये बैठती है।
हालांकि यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी ने अभी इन दोनों कारों के नाम, कीमत, स्पेसिफिकेशन या लॉन्च डेट की औपचारिक घोषणा नहीं की है। योजनाएं शुरुआती स्तर पर हैं और इनमें आगे बदलाव संभव है।
भारतीयों के लिए खास होंगी नई इलेक्ट्रिक कारें
VinFast की नई रणनीति भारतीय EV बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कंपनी इससे पहले अपने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध मॉडल भारत में लाकर उन्हें स्थानीय स्तर पर तैयार करने की योजना पर काम कर रही थी। लेकिन अब वह भारत के लिए शुरुआत से ही अलग मॉडल विकसित करना चाहती है।
Reuters के मुताबिक VinFast ने भारतीय सप्लायर्स के साथ VF X और VF Y को लेकर शुरुआती बातचीत शुरू कर दी है। कंपनी का उद्देश्य डिजाइन और डेवलपमेंट की शुरुआत से ही भारतीय कंपनियों को साथ लेकर लागत को नियंत्रित करना है।
इसका फायदा अंतिम कीमत में मिल सकता है।
अगर बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, बॉडी कंपोनेंट और दूसरे महत्वपूर्ण हिस्सों में स्थानीय सप्लाई चेन का ज्यादा इस्तेमाल होता है तो आयात पर निर्भरता घट सकती है।
यही रणनीति VinFast को कम कीमत वाले EV सेगमेंट में उतरने में मदद कर सकती है।
VF X हो सकती है सबसे सस्ती पेशकश
दोनों प्रस्तावित मॉडलों में सबसे ज्यादा चर्चा VF X की है।
सूत्रों के मुताबिक कंपनी इसे भारत के लिए एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक कार के रूप में तैयार करना चाहती है। VinFast का लक्ष्य इसकी कीमत 12,000 डॉलर से नीचे रखने का है।
अगर कंपनी इस लक्ष्य को हासिल करती है तो VF X भारतीय बाजार के सबसे प्रतिस्पर्धी EV सेगमेंट में उतर सकती है।
इस कीमत पर पहले से भारतीय कंपनियों का दबदबा है और ग्राहकों के पास कई विकल्प मौजूद हैं। इसलिए केवल कम कीमत पर्याप्त नहीं होगी। VinFast को रेंज, बैटरी वारंटी, चार्जिंग, फीचर्स, सर्विस नेटवर्क और रीसेल वैल्यू जैसे मोर्चों पर भी मजबूत पैकेज देना होगा।
कंपनी की चुनौती यही होगी कि कार की कीमत कम रखते हुए ग्राहकों को पर्याप्त स्पेस और उपयोगी फीचर्स दिए जाएं।
VF 3 से बड़ी लेकिन VF 6 से छोटी हो सकती है कार
VF X के आकार को लेकर भी दिलचस्प जानकारी सामने आई है।
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार VinFast ऐसा कॉम्पैक्ट और अफोर्डेबल मॉडल चाहती है जो मौजूदा VF 6 क्रॉसओवर से छोटा हो लेकिन कंपनी की दो दरवाजों वाली छोटी VF 3 से थोड़ा बड़ा हो।
इसके पीछे भारतीय ग्राहकों की पसंद को बड़ी वजह माना जा रहा है।
भारत में छोटी कार खरीदने वाला ग्राहक भी केबिन में पर्याप्त जगह, पीछे की सीट की व्यावहारिकता और परिवार के इस्तेमाल के मुताबिक स्पेस चाहता है।
इसलिए बेहद छोटी माइक्रो EV और महंगी कॉम्पैक्ट SUV के बीच की जगह VinFast के लिए बड़ा अवसर हो सकती है।
कंपनी अभी डिजाइन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में बताई जा रही है। चुनौती कार के आकार और उत्पादन लागत के बीच सही संतुलन बनाने की है।
दूसरी कार VF Y पर भी काम
VF X के साथ VinFast एक और India-specific EV विकसित करने की योजना बना रही है, जिसे फिलहाल VF Y कोडनेम दिया गया है।
इस मॉडल को लेकर अभी VF X जितनी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
बैटरी क्षमता, मोटर पावर, ड्राइविंग रेंज, बॉडी स्टाइल और संभावित कीमत जैसी जानकारियां सामने नहीं आई हैं। इतना जरूर बताया गया है कि दोनों नए मॉडल भारत को ध्यान में रखकर तैयार करने की शुरुआती योजना का हिस्सा हैं।
इसलिए अभी VF X और VF Y को अंतिम प्रोडक्शन नाम मानना भी सही नहीं होगा।
कंपनी लॉन्च के समय इनका नाम बदल सकती है।
VF 3 की योजना में आया बदलाव
इस नई रणनीति को समझने के लिए VinFast की VF 3 योजना को देखना जरूरी है।
VF 3 एक बेहद कॉम्पैक्ट दो दरवाजों वाली इलेक्ट्रिक SUV है और लंबे समय से इसके भारत आने की चर्चा चल रही थी। कई ऑटो पोर्टल ने इसकी संभावित कीमत करीब 8 से 10 लाख रुपये के आसपास बताई थी।
लेकिन सितंबर की शुरुआत में Reuters ने बताया कि VinFast ने VF 3, VF 6 और VF 7 के भारत में स्थानीय निर्माण से संबंधित कुछ विकास कार्यों को लागत संबंधी चुनौती के कारण रोक दिया है। VF 6 और VF 7 की मौजूदा CKD असेंबली जारी रहने की बात कही गई।
VinFast ने इसके बाद स्पष्ट किया कि भारत में अभी बेचे जा रहे मॉडलों की उत्पादन योजना बंद नहीं हुई है और कंपनी अपने थूथुकुडी प्लांट में CKD असेंबली जारी रखेगी। कंपनी ने भारत के लिए खास भविष्य के मॉडल विकसित करने की योजना की भी पुष्टि की।
अब VF X और VF Y उसी नई India-specific रणनीति का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
भारतीय सप्लायर्स पर बड़ा दांव
VinFast इस बार लागत नियंत्रण पर शुरुआत से ध्यान देना चाहती है।
रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त में कंपनी के वियतनाम से आए अधिकारियों ने करीब 200 भारतीय सप्लायर्स के साथ बैठक की। नई कारों के विकास में उपलब्ध स्थानीय कंपोनेंट और टूलिंग का इस्तेमाल करने की रणनीति पर भी काम किया जा रहा है।
VinFast ने अलग से कहा है कि वह भारत में स्थानीयकरण बढ़ाना चाहती है। कंपनी की मौजूदा लोकलाइजेशन करीब 15 प्रतिशत बताई गई है और उसने 300 से अधिक भारतीय सप्लायर्स के साथ जुड़ाव की बात कही है।
जितना ज्यादा स्थानीयकरण होगा, कंपनी के लिए लागत नियंत्रित करना उतना आसान हो सकता है।
यह केवल कार की कीमत के लिए महत्वपूर्ण नहीं है। स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता और भविष्य में सर्विस लागत पर भी स्थानीय सप्लाई चेन का असर पड़ सकता है।
भारत में पहले से मौजूद हैं VF 6 और VF 7
VinFast भारतीय बाजार में नई कंपनी जरूर है लेकिन उसने यहां अपनी बिक्री शुरू कर दी है।
कंपनी सितंबर 2025 में भारतीय बाजार में उतरी थी। Reuters के मुताबिक तब से वह लगभग 10,000 वाहन रिटेल कर चुकी है, जिसमें उसकी संबद्ध राइड-हेलिंग कंपनी Green SM को बेची गई गाड़ियां भी शामिल हैं।
भारत में VinFast के प्रमुख शुरुआती मॉडल VF 6 और VF 7 रहे हैं।
सितंबर 2026 के बाजार डेटा में VF 6 की शुरुआती कीमत करीब ₹18.19 लाख और VF 7 की ₹22.99 लाख दिखाई गई है।
ऐसे में करीब 11 लाख रुपये या उससे कम कीमत वाला नया मॉडल कंपनी को बिल्कुल अलग ग्राहक वर्ग तक पहुंचा सकता है।
Tata और MG जैसे ब्रांड से होगा मुकाबला
किफायती EV सेगमेंट में VinFast का रास्ता आसान नहीं होगा।
भारत में Tata Motors इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल बाजार में सबसे मजबूत कंपनियों में शामिल है। इसके अलावा JSW MG Motor और दूसरे निर्माता भी अलग-अलग कीमत पर इलेक्ट्रिक कारें बेच रहे हैं।
अगस्त 2026 में भारत में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशन सालाना आधार पर 50 प्रतिशत बढ़कर 30,325 यूनिट पहुंच गए। इसमें Tata Motors की हिस्सेदारी 42.8 प्रतिशत रही, जबकि Mahindra 21 प्रतिशत और JSW MG Motor 15.1 प्रतिशत पर रही। VinFast ने भी 2,196 रजिस्ट्रेशन के साथ करीब 7.2 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की।
यानी बाजार तेजी से बढ़ रहा है लेकिन मुकाबला भी उतना ही मजबूत होता जा रहा है।
VF X जैसी किफायती EV आने पर उसका मुकाबला कीमत और आकार के आधार पर Tata Tiago EV, Punch EV तथा MG Comet EV जैसे मॉडल से देखा जा सकता है। हालांकि अंतिम तुलना तभी संभव होगी जब VinFast इसके स्पेसिफिकेशन और कीमत घोषित करेगी।
11 लाख में क्या मिल सकता है?
फिलहाल VF X के फीचर्स को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इसलिए इसकी बैटरी, रेंज या मोटर पावर के बारे में अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।
लेकिन भारतीय बाजार में इस कीमत के ग्राहक आमतौर पर अच्छी ड्राइविंग रेंज के साथ टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट, कनेक्टेड फीचर्स, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, जरूरी सेफ्टी फीचर्स और फास्ट चार्जिंग जैसी सुविधाओं की उम्मीद करते हैं।
VinFast को कीमत और फीचर्स के बीच संतुलन बनाना होगा।
सबसे बड़ा सवाल बैटरी पैक का होगा क्योंकि किसी भी इलेक्ट्रिक कार की कुल लागत में बैटरी की बड़ी भूमिका होती है।
भारत में बड़ा निवेश कर रही VinFast
VinFast भारत को केवल बिक्री बाजार नहीं बल्कि भविष्य के बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देख रही है।
कंपनी ने भारत में 2 अरब डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। उसने दक्षिण भारत में अपना पहला विदेशी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया है। इसकी शुरुआती सालाना उत्पादन क्षमता करीब 50,000 वाहन है, जिसे भविष्य में 1.5 लाख यूनिट तक बढ़ाया जा सकता है।
कंपनी इस प्लांट के जरिए केवल भारतीय बाजार को नहीं बल्कि दक्षिण एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका जैसे क्षेत्रों को भी लक्ष्य बनाना चाहती है।
प्लांट के दूसरे चरण के विस्तार के लिए निवेश मंजूरी मिलने की बात भी कंपनी ने कही है।
भारत में EV बिक्री तेजी से बढ़ी
VinFast की नई रणनीति ऐसे समय सामने आई है जब भारत में इलेक्ट्रिक कारों की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है।
अगस्त में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशन कुल पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशन का करीब 7.4 प्रतिशत रहा। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में EV रजिस्ट्रेशन 85 प्रतिशत बढ़कर 1,53,403 यूनिट हो गया।
सरकार लंबे समय में EV की हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। Reuters के मुताबिक 2030 तक कुल कार बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का सरकारी लक्ष्य है।
इसलिए किफायती इलेक्ट्रिक कारों का बाजार आने वाले वर्षों में और महत्वपूर्ण हो सकता है।
कब आएंगी VF X और VF Y?
यही फिलहाल सबसे बड़ा सवाल है।
Reuters के मुताबिक दोनों मॉडलों पर बातचीत शुरुआती चरण में है। डिजाइन भी अभी विकसित किया जा रहा है और योजना में बदलाव संभव है। VinFast के प्रवक्ता ने नए उत्पादों पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि कंपनी उचित समय पर जानकारी साझा करेगी।
इसका मतलब है कि अभी इन दोनों कारों की निश्चित लॉन्च डेट बताना सही नहीं होगा।
इसी तरह 11 लाख रुपये से कम की कीमत भी अंतिम एक्स-शोरूम कीमत नहीं बल्कि VF X के लिए कंपनी का बताया गया लक्ष्य है।
कीमत सही रही तो बदल सकता है खेल
VinFast के लिए VF X और VF Y सिर्फ दो नई कारें नहीं बल्कि भारत में उसकी बदली हुई रणनीति का हिस्सा हो सकती हैं।
कंपनी अब ऐसी EV तैयार करना चाहती है जिसकी लागत, आकार और फीचर्स शुरुआत से भारतीय ग्राहक को ध्यान में रखकर तय किए जाएं।
अगर VF X वास्तव में करीब 11 लाख रुपये से नीचे आती है और इसके साथ व्यावहारिक रेंज, पर्याप्त केबिन स्पेस, मजबूत सेफ्टी पैकेज तथा भरोसेमंद चार्जिंग और सर्विस नेटवर्क मिलता है तो यह किफायती EV बाजार में बड़ा मुकाबला खड़ा कर सकती है।
लेकिन अभी थोड़ा इंतजार जरूरी है। **VF X और VF Y फिलहाल विकास की शुरुआती योजना में हैं; कीमत, स्पेसिफिकेशन और लॉन्च टाइमलाइन आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुई है।**
इसलिए अभी सबसे बड़ी खबर कार का लॉन्च नहीं बल्कि VinFast की रणनीति में बदलाव है—ग्लोबल मॉडल को भारत लाने के बजाय अब कंपनी भारतीय ग्राहकों के लिए भारत-केंद्रित किफायती इलेक्ट्रिक कार बनाने की तैयारी कर रही है।
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