Vinayak Chaturthi 2025: सावन मास की विनायक चतुर्थी आज, इस विधि से करें पिता-पुत्र की पूजा
Vinayak Chaturthi 2025: हिंदू धर्म में हर व्रत और त्योहार का विशेष महत्व होता है। आज का दिन विशेष है, आज विनायक चतुर्थी का पावन पर्व है। इस दिन लोग भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए व्रत और पूजा करते हैं। आज सावन के तीसरे सोमवार के साथ विनायक चतुर्थी का संयोग भी है। इस दिन आपको पिता और पुत्र दोनों का आशीर्वाद मिल सकता है।
सावन माह में पड़ने वाली विनायक चतुर्थी को विशेष माना जाता है। भगवान गणेश देवों के देव महादेव के पुत्र हैं, इस दिन जो भी सच्चे मन से विघ्नहर्ता गणेश की पूजा करता है, भगवान गणेश उसके जीवन के कष्टों को दूर करते हैं, साथ ही भगवान शिव का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। विनायक चतुर्थी का व्रत रखने से जीवन में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती है। इस दिन दोपहर के समय भगवान गणपति की पूजा की जाती है।
विनायक चतुर्थी का व्रत हर महीने अमावस्या तिथि के बाद आता है, अर्थात शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं और ज्ञान और बुद्धि के देवता भगवान गणेश अपने भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।
विनायक चतुर्थी 2025 पूजा मुहूर्त:
विनायक चतुर्थी व्रत आज 28 जुलाई 2025, सोमवार को है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:06 बजे से दोपहर 01:49 बजे तक रहेगा।
सावन विनायक चतुर्थी पूजा विधि:
इस दिन सुबह उठकर स्नान आदि करके व्रत का संकल्प लें।
सावन माह की गणेश चतुर्थी के दिन सावन सोमवार व्रत और गणेश चतुर्थी व्रत एक साथ रखे जा सकते हैं।
इस दिन भगवान शिव और भगवान गणेश का जलाभिषेक करें।
भगवान गणेश को फूल, फल अर्पित करें और पीला चंदन लगाएँ, साथ ही विधिपूर्वक भगवान शिव की पूजा करें।
तिल के लड्डू या मोदक का भोग लगाएँ।
सावन विनायक चतुर्थी की कथा का पाठ करें।
'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करें।
पूरी श्रद्धा से गणेश जी की आरती करें।
आज सावन का सोमवार भी है, इस दिन भगवान गणेश के साथ भगवान शिव की भी पूरे विधि-विधान से पूजा करें।