
दिल्ली। लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस शुरू होने से पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक एक्स पोस्ट में कहा, "जब रावण ने लक्ष्मण रेखा पार की, तो लंका जल गई. जब पाकिस्तान ने भारत द्वारा खींची गई लाल रेखा पार की, तो पाकिस्तान को आग का सामना करना पड़ा.
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा शुरू होने से पहले कहा कि इस चर्चा में दो पहलुओं को अलग करके देखा जाना चाहिए. पहला, सशस्त्र बलों की बहादुरी और कामयाबी की सराहना होनी चाहिए. दूसरा, बार-बार हो रहे आतंकी हमलों के लिए बीजेपी सरकार से जवाब मांगा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर सेना को मौका मिलता तो शायद पीओके भी ले लिया होता. पहलगाम हमले से पहले एक और घटना हुई थी, जिसकी जानकारी जनता को अब तक नहीं दी गई है. उन्होंने पूछा कि पहलगाम के आतंकी कहां गए. सरकार को इसका जवाब देना चाहिए.
सांसद प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहीं प्रियंका चतुर्वेदी ने पांच सवाल पूछे हैं, और संसद में सरकार से जवाब की उम्मीद जताई है.
जो आतंकवादी धर्म पूछकर लोगों की हत्या कर रहे थे, वो कहां हैं? क्या उन्हें पकड़ा गया?
क्या यह इंटेलिजेंस फेलियर था? अगर हां, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
जनरल असीम मुनीर भारत के खिलाफ जहर उगल रहे थे. हमें उनकी गतिविधियों की जानकारी पहले क्यों नहीं मिली?
ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है. यह सिर्फ एक 'पॉज़' है. ऐसे में NCERT इसे किताबों में कैसे शामिल कर सकती है?
जब पाकिस्तान लगातार हमारे खिलाफ आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है, तो भारत-पाक एशिया कप को मंजूरी देना समझ से परे है. यह देश की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है.





