Valmiki Jayanti 2025:वाल्मीकि जयंती 7 अक्टूबर को है। जानें भगवान राम की पूजा विधि और हनुमान चालीसा का पाठ करने का सही समय
Valmiki Jayanti 2025: आश्विन पूर्णिमा की पूर्णिमा की तिथि अति विशेष होती है इस दिन शरद पूर्णिमा मनाई जाती है और इस तिथि पर महर्षि वाल्मीकि की जयंती मनाने का विधान है. महर्षि वाल्मीकि रामायण महाकाव्य के रचयिता हैं जो भगवान श्री राम के जीवन पर आधारित काव्य है. पूर्णिमा तिथि 6 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है और 7 अक्टूबर तक तिथि रहने वाली है|
कब है वाल्मीकि जयंती ?
हिंदू पंचांग के मुताबिक, आश्विन मास की पूर्णिमा 07 अक्टूबर दोपहर 12:24 बजे शुरू हो चुकी है और तिथि का समापन 7 अक्टूबर को मंगलवार के दिन सुबह 09:17 बजे हो जाएगा. इस बार पूर्णिमा दो दिन है आज रात पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा के रूप मनाया जा रहा है. वहीं, उदया तिथि में 7 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती मनाई जाएगी|
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर राम जी की पूजा विधि:
वाल्मीकि जयंती पर महर्षि का ध्यान करने व रामजी की विधिवत पूजा आराधना करने से जीवन में सुख शांति का आगमन होता है. वहीं इस दिन हनुमान चालीसा का विधि विधान से पाठ करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और भय से मुक्ति मिलती है. आइए जानें वाल्मीकि जयंती पर भगवान राम की पूजा की विधि क्या है और हनुमान चालीसा का पाछ करने का क्या सही समय है|
वाल्मीकि जयंती के दिन सूर्योदय से पहले जाग जाएं.
घर के मंदिर को साफ करें और गंगाजल छिड़कें.
लाल या पीले रंग का कपड़ा चौकी पर बिछाएं और राम जी की प्रतिमा स्थापित करें.
भगवान की प्रतिमाम को गंगाजल से शुद्ध करें
श्रीराम को पीले वस्त्र अर्पित करें और चंदन, रोली, फूल आदि चढ़ाएं.
घी का दीपक जलाकर भोग में भगवान को मिठाई अर्पित करें.
केसर-भात, खीर और पंचामृत भी भोग में भगवान को चढ़ा सकते हैं.
रामायण या रामचरितमानस के कुछ चौपाइयों का पाठ करें.
भगवान राम के मंत्रों का सच्चे मन से जाप करें.
भगवान की आरती कर पूजा को संपन्न करें और सभी जन को प्रसाद बंटे.
अन्न, वस्त्र या धन का दान करें
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर हनुमान चालीसा के पाठ का सही समय:
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर हनुमान चालीसा के पाठ ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4 से 5 बजे के बीच किया जा सकता है. हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए इस समय को अति उत्तम माना गया है. इससे मन एकाग्रता बढ़ती है. इसके अलावा स्नान के बाद या सूर्यास्त के समय मन में श्रद्धा और पवित्रता भरकर हनुमान चालीसा का पाठ करना भी अति शुभ माना जाता है|