नई दिल्ली। घर को खूबसूरत बनाने के लिए आजकल आर्टिफिशियल यानी नकली पौधों का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। इन्हें पानी देने की जरूरत नहीं पड़ती, ज्यादा देखभाल भी नहीं करनी होती और लंबे समय तक ये हरे-भरे दिखाई देते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र की मान्यताओं की बात करें तो घर में नकली पौधे लगाने को हमेशा अच्छा नहीं माना जाता। वास्तु से जुड़े जानकार घर में हरियाली के लिए प्राकृतिक और स्वस्थ पौधों को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।
मान्यता है कि हरे-भरे प्राकृतिक पौधे घर में जीवंतता और सकारात्मकता का प्रतीक होते हैं, जबकि नकली पौधों में प्राकृतिक वृद्धि नहीं होती। हालांकि ये वास्तु संबंधी धार्मिक और पारंपरिक मान्यताएं हैं, जिनके प्रभाव का वैज्ञानिक प्रमाण स्थापित नहीं है। अगर आप वास्तु में विश्वास करते हैं तो घर में पौधे रखते समय कुछ सामान्य नियमों का ध्यान रख सकते हैं।
नकली पौधों को लेकर क्या कहता है वास्तु?
वास्तु मान्यताओं में ऐसी चीजों को ज्यादा शुभ माना जाता है जिनमें प्राकृतिक जीवन और वृद्धि होती है। असली पौधे समय के साथ बढ़ते हैं, उनमें नई पत्तियां आती हैं और वे घर को प्राकृतिक एहसास देते हैं।
इसके विपरीत प्लास्टिक या दूसरे कृत्रिम पदार्थों से बने पौधे केवल सजावट का काम करते हैं। इसी वजह से कुछ वास्तु विशेषज्ञ घर के प्रमुख हिस्सों में बहुत ज्यादा नकली पौधे रखने से बचने की सलाह देते हैं।
अगर आपके घर में पहले से आर्टिफिशियल पौधे हैं तो घबराने या तुरंत उन्हें फेंकने की जरूरत नहीं है। इन्हें सजावट के तौर पर सीमित मात्रा में रखा जा सकता है।
सूखे पौधे भी तुरंत हटाएं
सिर्फ नकली पौधे ही नहीं, वास्तु मान्यताओं में सूख चुके प्राकृतिक पौधों को भी घर में लंबे समय तक रखना अच्छा नहीं माना जाता।
अगर किसी गमले का पौधा पूरी तरह सूख गया है और उसके दोबारा हरा होने की संभावना नहीं है तो उसे बदल देना बेहतर माना जाता है। इससे व्यावहारिक रूप से भी घर ज्यादा साफ और सुंदर दिखाई देता है।
पौधों की सूखी पत्तियों को समय-समय पर हटाते रहना चाहिए और गमलों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए।
घर में प्राकृतिक पौधे क्यों लगाएं?
असली पौधों का फायदा केवल वास्तु मान्यताओं तक सीमित नहीं है। घर में पौधे होने से वातावरण ज्यादा प्राकृतिक और शांत महसूस हो सकता है। कुछ इनडोर पौधे घर की सजावट को बेहतर बनाने के साथ कमरे में हरियाली भी बढ़ाते हैं।
हालांकि यह जरूरी है कि पौधा उस कमरे की रोशनी और वातावरण के अनुकूल हो। केवल वास्तु के नाम पर ऐसा पौधा न लगाएं जो घर के अंदर जीवित ही न रह सके।
तुलसी को माना जाता है खास
हिंदू धार्मिक परंपराओं में तुलसी का विशेष महत्व है। कई परिवार सुबह-शाम तुलसी की पूजा करते हैं। वास्तु मान्यताओं में भी स्वस्थ और हरी तुलसी को शुभ माना जाता है।
तुलसी को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां उसे पर्याप्त धूप और हवा मिल सके। केवल दिशा के चक्कर में पौधे को ऐसी जगह न रखें जहां वह धूप के अभाव में सूखने लगे।
तुलसी के आसपास साफ-सफाई रखने की भी सलाह दी जाती है।
मनी प्लांट लगाते समय रखें ध्यान
मनी प्लांट सबसे लोकप्रिय इनडोर पौधों में शामिल है। वास्तु में इसे आर्थिक समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है।
मान्यता के अनुसार इसे घर के दक्षिण-पूर्व हिस्से में रखना अच्छा माना जाता है। हालांकि पौधे की वास्तविक जरूरतों का ध्यान रखना भी जरूरी है।
मनी प्लांट की बेल और पत्तियां सूख रही हों तो उन्हें समय पर काटें। पौधे को जरूरत के अनुसार पानी और रोशनी दें।
कांटेदार पौधों को लेकर क्या मान्यता है?
वास्तु में कुछ लोग घर के अंदर बहुत ज्यादा कांटेदार पौधे रखने से बचने की सलाह देते हैं। खासकर बेडरूम और पूजा स्थल के आसपास ऐसे पौधे न रखने की मान्यता प्रचलित है।
हालांकि कैक्टस जैसे पौधे आधुनिक होम डेकोर में काफी लोकप्रिय हैं। अगर आप वास्तु नियमों का पालन करते हैं तो इन्हें बालकनी या खुले हिस्से में रखने का विकल्प चुन सकते हैं।
बेडरूम में ज्यादा पौधे लगाने से बचें
बेडरूम में पौधे रखते समय व्यावहारिक पहलुओं को प्राथमिकता देना जरूरी है। बहुत ज्यादा गमले रखने से कमरा भरा हुआ लग सकता है और मिट्टी में अधिक नमी होने पर फफूंदी या कीड़ों की समस्या भी हो सकती है।
अगर बेडरूम में पौधा रखना है तो छोटा और आसानी से देखभाल होने वाला पौधा चुन सकते हैं।
साथ ही कमरे में हवा आने-जाने की पर्याप्त व्यवस्था रखें।
मुख्य दरवाजे पर कैसी हरियाली रखें?
वास्तु में घर के मुख्य प्रवेश द्वार को महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रवेश द्वार पर साफ-सफाई और पर्याप्त रोशनी रखने की सलाह दी जाती है।
अगर वहां जगह और पर्याप्त प्राकृतिक प्रकाश मौजूद है तो छोटे हरे पौधे रखे जा सकते हैं। लेकिन दरवाजे के आसपास सूखे पौधे, टूटे गमले या बहुत ज्यादा सामान जमा करने से बचें।
इससे वास्तु से अलग भी प्रवेश द्वार साफ और आकर्षक दिखाई देता है।
पूजा घर में नकली फूल लगाने चाहिए?
कई लोग पूजा स्थल को सजाने के लिए प्लास्टिक के फूल और मालाओं का इस्तेमाल करते हैं। धार्मिक परंपराओं में पूजा के लिए ताजे फूलों को प्राथमिकता दी जाती है।
अगर रोज ताजे फूल उपलब्ध नहीं हैं तो पूजा स्थल को केवल साफ-सुथरा रखना भी पर्याप्त है। पुराने, धूल से भरे या टूटे कृत्रिम फूलों को लंबे समय तक रखने से बचना चाहिए।
नकली पौधे रखना जरूरी हो तो क्या करें?
अगर घर में ऐसी जगह है जहां प्राकृतिक रोशनी बिल्कुल नहीं आती और असली पौधे जीवित रखना मुश्किल है तो सजावट के लिए आर्टिफिशियल प्लांट इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
ऐसी स्थिति में कुछ बातों का ध्यान रखें। नकली पौधों पर धूल जमा न होने दें, टूटे या फीके पौधों को बदलें और पूरे घर को आर्टिफिशियल हरियाली से भरने के बजाय सीमित मात्रा में इस्तेमाल करें।
असली पौधों के लिए घर की बालकनी, खिड़की या रोशनी वाले हिस्से का इस्तेमाल किया जा सकता है।
पौधों की सही देखभाल ज्यादा जरूरी
घर में केवल पौधे रखना ही पर्याप्त नहीं है। अगर प्राकृतिक पौधे लगा रहे हैं तो उनकी नियमित देखभाल भी जरूरी है।
हर पौधे की पानी और धूप की जरूरत अलग होती है। जरूरत से ज्यादा पानी देने पर पौधों की जड़ें खराब हो सकती हैं, जबकि कम पानी से वे सूख सकते हैं।
गमले में पानी निकलने की उचित व्यवस्था रखें और समय-समय पर पौधे की खराब पत्तियां हटाते रहें।
वास्तु के नाम पर डरने की जरूरत नहीं
घर में पहले से नकली पौधे लगे हैं तो यह सोचकर परेशान होने की जरूरत नहीं कि इससे कोई नुकसान निश्चित रूप से होने वाला है। वास्तु से जुड़े नियम पारंपरिक मान्यताओं का हिस्सा हैं और इन्हें वैज्ञानिक तथ्य की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।
अगर इन मान्यताओं का पालन करना चाहते हैं तो नकली पौधों की संख्या कम करके धीरे-धीरे प्राकृतिक पौधे लगा सकते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात घर को साफ, व्यवस्थित, हवादार और आरामदायक रखना है।
प्राकृतिक हरियाली हो सकती है बेहतर विकल्प
घर को सजाने के लिए नकली पौधे आसान विकल्प जरूर हैं, लेकिन जहां संभव हो वहां प्राकृतिक पौधे ज्यादा जीवंत माहौल देते हैं। बालकनी या खिड़की के पास छोटे पौधों से शुरुआत की जा सकती है।
वास्तु मान्यताओं के अनुसार स्वस्थ हरे पौधों को सकारात्मकता और वृद्धि से जोड़ा जाता है। वहीं व्यावहारिक नजरिए से भी हरियाली घर की खूबसूरती बढ़ाती है।
इसलिए अगली बार घर के लिए आर्टिफिशियल पौधा खरीदने से पहले यह जरूर देखें कि क्या उसी जगह कोई आसानी से देखभाल होने वाला प्राकृतिक पौधा लगाया जा सकता है। थोड़ी सी नियमित देखभाल से घर को प्राकृतिक और खूबसूरत लुक दिया जा सकता है।