Skanda Sashti 2025: मंगल दोष से परेशान , स्कंद षष्ठी पर करें ये उपाय, दूर होंगे सारे कष्ट
Skanda Sashti 2025:हिंदू धर्म में स्कंद षष्ठी का पर्व भगवान कार्तिकेय (स्कंद) को समर्पित है। यह विशेष तिथि प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाई जाती है। यह दिन न केवल भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय की पूजा के लिए विशेष है, बल्कि कुंडली में मंगल दोष से पीड़ित लोगों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। स्कंद षष्ठी को मंगल के नकारात्मक प्रभावों और उससे होने वाले कष्टों को दूर करने का वरदान माना जाता है।
स्कंद षष्ठी का शुभ मुहूर्त:
पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि शनिवार, 27 सितंबर, 2025 को दोपहर 12:03 बजे से प्रारंभ होगी। उदया तिथि होने के कारण स्कंद षष्ठी का व्रत और पूजा शनिवार, 27 सितंबर, 2025 को की जाएगी। इस शुभ तिथि पर किए गए उपाय शीघ्र फल प्रदान करते हैं।
स्कंद षष्ठी और मंगल दोष का संबंध क्यों है विशेष?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कार्तिकेय को देवताओं का सेनापति कहा जाता है और उन्हें मंगल ग्रह का देवता माना जाता है। इसका अर्थ है कि मंगल का सीधा संबंध भगवान स्कंद से है। जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष होता है, उन्हें विवाह में बाधाएँ, वैवाहिक कलह, कर्ज और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए, भगवान कार्तिकेय की विधिवत पूजा और उनसे संबंधित उपाय करने से मंगल दोष शांत होता है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
मंगल दोष निवारण हेतु स्कंद षष्ठी पर करें ये अचूक उपाय!
भगवान कार्तिकेय की विशेष पूजा:
विधि: स्कंद षष्ठी के दिन सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और भगवान कार्तिकेय की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। उन्हें लाल फूल, विशेष रूप से गुलाब के फूल अर्पित करें।
अर्घ्य: पूजा के दौरान कपूर, सिंदूर और रोली अर्पित करें।
भोग: प्रसाद के रूप में खीर या मिठाई का भोग लगाएँ और बाद में उसे प्रसाद के रूप में बाँट दें।
स्कंद षष्ठी स्तोत्र का पाठ:
महत्व: इस दिन स्कंद षष्ठी स्तोत्र का पाठ मंगल दोष से मुक्ति के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इस स्तोत्र का पूर्ण श्रद्धापूर्वक पाठ करने से मंगल जनित सभी कष्ट दूर होते हैं।
मंत्र जाप: इसके अतिरिक्त, भगवान कार्तिकेय के मंत्र, "ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महासेनाय धीमहि तन्नो स्कंद प्रचोदयात" का कम से कम 108 बार जाप करें।
दान: मंगल ग्रह का रंग लाल है। इसलिए इस दिन किसी गरीब या ज़रूरतमंद व्यक्ति को लाल मसूर, गुड़, तांबा और लाल वस्त्र दान करें। इससे मंगल ग्रह शांत होता है और दोष का प्रभाव कम होता है।
गुड़ मिश्रित जल से अभिषेक:
अभिषेक: यदि संभव हो तो जल में गुड़ मिलाकर भगवान कार्तिकेय का अभिषेक करें। यह उपाय मंगल दोष के कारण उत्पन्न होने वाले संपत्ति विवाद और कर्ज की समस्याओं को दूर करने में भी सहायक माना जाता है।
ऐसा माना जाता है कि स्कंद षष्ठी के दिन किए गए ये उपाय मंगल दोष से उत्पन्न सभी बाधाओं, विशेषकर विवाह और वैवाहिक जीवन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं।