घर पर बनाएं ईको फ्रेंडली गणपति बस फॉलो करें ये आसान स्टेप्स
गणेश चतुर्थी
Eco-Friendly Ganpati: गणेश चतुर्थी पर घर में गणपति बप्पा की स्थापना करने की तैयारी कर रहे हैं तो इस बार प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की मूर्ति के बजाय मिट्टी से ईको-फ्रेंडली गणपति बना सकते हैं। घर पर मिट्टी की छोटी प्रतिमा बनाना ज्यादा मुश्किल नहीं है। थोड़ी सी मिट्टी, पानी और कुछ आसान स्टेप्स की मदद से सुंदर गणेश प्रतिमा तैयार की जा सकती है।
मिट्टी की प्रतिमा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि विसर्जन के दौरान यह पानी में अपेक्षाकृत आसानी से घुल जाती है। वहीं PoP की मूर्तियां जल्दी नहीं घुलतीं और उन पर इस्तेमाल किए गए कुछ रंग व सजावटी पदार्थ जल प्रदूषण बढ़ा सकते हैं।
सबसे पहले तैयार करें सामग्री
गणपति बनाने के लिए प्राकृतिक चिकनी मिट्टी या शाडू मिट्टी लें। इसके साथ थोड़ा पानी, एक छोटी कटोरी, लकड़ी की स्टिक या टूथपिक और समतल बोर्ड रखें। सजावट करनी हो तो प्राकृतिक या पानी आधारित सुरक्षित रंगों को प्राथमिकता दें।
मिट्टी में थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाकर उसे अच्छी तरह गूंथें। मिट्टी इतनी मुलायम होनी चाहिए कि उसमें दरारें न पड़ें, लेकिन बहुत ज्यादा पानी डालने से वह आकार नहीं पकड़ पाएगी।
ऐसे बनाएं गणपति की प्रतिमा
सबसे पहले मिट्टी की एक बड़ी लोई लेकर गोल आकार दें। इसे गणपति के शरीर के रूप में इस्तेमाल करें। इसके बाद एक छोटी लोई से सिर बनाकर शरीर के ऊपर सावधानी से जोड़ दें। दोनों हिस्सों को जोड़ते समय थोड़े पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अब चार छोटी लोइयां बनाकर हाथ और पैर तैयार करें। उन्हें शरीर के साथ धीरे-धीरे जोड़ें। हाथों को अपनी पसंद के अनुसार आशीर्वाद मुद्रा या मोदक धारण करने का आकार दिया जा सकता है।
सूंड और कान बनाना है आसान
गणपति की पहचान उनकी सूंड और बड़े कानों से होती है। सूंड के लिए मिट्टी का छोटा लंबा टुकड़ा बनाएं और चेहरे पर लगाकर धीरे से नीचे की ओर मोड़ दें। कानों के लिए दो छोटी लोइयों को चपटा करके दोनों तरफ जोड़ें।
मुकुट बनाने के लिए सिर के ऊपर थोड़ी मिट्टी लगाकर मनचाहा आकार दें। आंखों और दूसरी बारीक आकृतियों के लिए लकड़ी की पतली स्टिक का इस्तेमाल किया जा सकता है।
प्राकृतिक तरीके से सूखने दें
प्रतिमा तैयार होने के बाद उसे सीधे तेज धूप में रखने के बजाय पहले हवादार जगह पर प्राकृतिक रूप से सूखने दें। जल्दबाजी में मूर्ति सुखाने पर दरारें पड़ सकती हैं। पूरी तरह सूखने के बाद जरूरत हो तो सुरक्षित प्राकृतिक रंगों से हल्की सजावट करें।
प्लास्टिक ग्लिटर, थर्माकोल और ऐसी सजावटी सामग्री से बचें जो पानी में आसानी से नष्ट नहीं होती।
घर पर ही कर सकते हैं विसर्जन
छोटी मिट्टी की प्रतिमा का विसर्जन घर पर बाल्टी या बड़े टब में भी किया जा सकता है। प्रतिमा घुलने के बाद बची मिट्टी को पौधों या बगीचे में इस्तेमाल किया जा सकता है, बशर्ते उसमें पर्यावरण के लिए हानिकारक रंग या सामग्री न मिलाई गई हो।
इस गणेश चतुर्थी घर पर मिट्टी के गणपति बनाकर त्योहार की खुशी के साथ बच्चों को रचनात्मक गतिविधि से जोड़ने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का भी अच्छा अवसर मिल सकता है।