Masik Shivratri Upay: सावन में भोले बाबा की बहुत कृपा बरसती है। श्रावण का हर दिन विशेष महत्व रखता है। उन्हीं खास दिनों में से एक है सावन शिवरात्रि। जो कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह की शिवरात्रि 23 जुलाई को है। सावन शिवरात्रि पर भद्रावास योग और हर्षण योग बनने से शिव परिवार की पूजा का दोगुना फल मिलेगा। इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। सुहागिन महिलाओं को पति का भरपूर सुख मिलता है। जिनके विवाह में बाधाएं आ रही होती हैं उनके शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।
मासिक शिवरात्रि 2025 उपाय:
रुद्राभिषेक को दोष निवारण की परम क्रिया कहा गया है। सावन शिवरात्रि में इसकी शक्ति कई गुना बढ़ जाती है, जिससे पितृ दोष, ग्रह दोष, कालसर्प योग, कुंडली दोष, इत्यादि का प्रभाव शीघ्र समाप्त होता है।
जिन लोगों के घर में रोग व बीमारी जाने का नाम नहीं लेते, वे मासिक शिवरात्रि के दिन काले शिवलिंग पर शहद चढ़ाकर पूजा करें, इससे उन्हें पूर्ण रूप से स्वास्थ्य की प्राप्ति होगी।
सफेद मक्खन से शिवलिंग का श्रृंगार करने से अपार संपत्ति व वैभव की प्राप्ति होती है।
3 या फिर 5 बेल पत्र से पूजा करने पर निर्धनता दूर होती है।
व्रती व्रत का संकल्प लेते हुए उत्तराभिमुख होकर भगवान शिव की पूजा करें।
मासिक शिवरात्रि की सुबह और शाम भगवान शिव के आगे पूर्व दिशा में मुंह करके देसी घी का दीपक जलाएं।
इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती का एक साथ पूजन करने से सुंदर दांपत्य जीवन का वरदान प्राप्त किया जा सकता है। कर्मठता और सौभाग्य की प्राप्ति भी होती है।
रात के समय भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र घर के ब्रह्म स्थान पर बैठकर करने से आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें- ॐ नमः शिवाय
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