ज्योतिष न्यूज़ : नवरात्र का पर्व हिंदुओं के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जो देवी दुर्गा और उनके नौ रूपों को समर्पित होता है। वैसे तो साल में 4 नवरात्र आती हैं, लेकिन इनमें से मुख्य रूप से 2 को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।
पहली चैत्र माह की चैत्र नवरात्र और दूसरी आश्विन महीने की शारदीय। इनमें से शारदीय नवरात्र को भक्त बहुत श्रद्धा से मनाते हैं। यह पर्व नौ दिनों तक प्रार्थना, व्रत, भक्ति गीत, गरबा, डांडिया और विशेष रूप से दुर्गा पूजा के साथ पूरे देश में मनाया जाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि का आरंभ होता है और दशमी तिथि को दशहरा के साथ इसका समापन हो जाता है।
इसके पहले दिन घरों में घटस्थापना या कलश स्थापना की जाती है और भक्त नौ दिनों में व्रत करते हुए माता दुर्गा की आराधना करते हैं। आइए आपको बताते हैं इस साल कब से आरंभ हो रही है शारदीय नवरात्र और किस शुभ मुहूर्त में घट स्थापना करनी चाहिए।
शारदीय नवरात्र 2026 कब से शुरू हो रहे हैं?
हर साल शारदीय नवरात्र का आरंभ अश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होता है। इस साल शारदीय नवरात्र का आरंभ 11 अक्टूबर, रविवार से हो रहा है।
आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि आरंभ- 10 अक्टूबर, शनिवार, रात्रि 9 बजकर 19 मिनट से।
प्रतिपदा तिथि समापन- 11 अक्टूबर, रविवार, रात्रि 9 बजकर 30 मिनट पर।
उदया तिथि के अनुसार, शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर को ही होगा और इसी दिन कलश स्थापना करना भी शुभ होगा।
शारदीय नवरात्र 2026 घटस्थापना का मुहूर्त
इस साल शारदीय नवरात्र में घट स्थापना 11 अक्टूबर को की जाएगी। आइए जानें सबसे शुभ मुहूर्त कौन से हैं-
प्रातः काल मुहूर्त- 11 अक्टूबर,प्रातः 6:19 बजे से प्रातः 10:12 बजे तक (कुल अवधि: लगभग 3 घंटे 52 मिनट)
अभिजीत मुहूर्त- प्रातः 11:20 से दोपहर 12:07 तक।
अगर आप किसी वजह से प्रातः काल के मुहूर्त में घटस्थापना न भी कर पाएं, तो इसके लिए अभिजीत मुहूर्त भी अत्यंत शुभ होता है।
शारदीय नवरात्र 9 दिनों की तिथियां
नवरात्र का आरंभ 11 अक्टूबर प्रतिपदा से होगा और दशहरा के दिन इस व्रत का पारण किया जाएगा। आइए जानें सभी दिनों की तिथियों के बारे में-
नवरात्र तारीख तिथि /वार माता की पूजा
11 अक्टूबर प्रतिपदा, रविवार मां शैलपुत्री की पूजा
12 अक्टूबर द्वितीया, सोमवार मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
13 अक्टूबर तृतीया, मंगलवार मां चंद्रघंटा की पूजा
14 अक्टूबर चतुर्थी, बुधवार मां कूष्मांडा की पूजा
15 अक्टूबर पंचमी, गुरुवार मां स्कंदमाता की पूजा
16 अक्टूबर षष्ठी, शुक्रवार मां कात्यायनी की पूजा
17 अक्टूबर सप्तमी, शनिवार मां कालरात्रि की पूजा
18 अक्टूबर अष्टमी,रविवार मां महागौरी की पूजा
19 अक्टूबर नवमी, सोमवार मां सिद्धिदात्री की पूजा
शारदीय नवरात्र का महत्व
शारदीय नवरात्र का पर्व मुख्य रूप से माता दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित है और इन नौ दिनों में माता का पूजन विशेष रूप से घर में सुख समृद्धि लाता है। इस व्रत का समापन दशहरा से होता है जो बुराई पर अच्छाई की जीत का संकेत देता है। इस दौरान भक्त विधि-विधान से माता दुर्गा की पूजा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
अगर आप भी शारदीय नवरात्र की तिथियों की जानकारी लेना चाहते हैं, तो यहां इसके बारे में विस्तार से बताया गया है। इसके अनुसार आप व्रत का आरंभ और शुभ मुहूर्त में कलश की स्थापना कर सकते हैं।
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