पुरी: ओडिशा के प्रसिद्ध गुंडिचा मंदिर को मरम्मत और सौंदर्यीकरण कार्य के बाद फिर से श्रद्धालुओं के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा से जुड़े इस ऐतिहासिक मंदिर में कई विकास और संरक्षण कार्य किए जा रहे हैं। गुंडिचा मंदिर को भगवान जगन्नाथ का ‘गार्डन हाउस’ भी कहा जाता है। यह मंदिर पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हर साल रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा यहां कुछ समय के लिए विराजमान होते हैं।
मरम्मत में क्या-क्या काम हो रहे हैं?
मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और संरक्षण के तहत बाहरी दीवारों पर खोंडालाइट पत्थरों की क्लैडिंग, हरियाली विकसित करने, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने जैसे कार्य किए जा रहे हैं। इसके अलावा मंदिर के अंदर रसोई व्यवस्था, नाट मंडप और अन्य हिस्सों के सुधार कार्य की भी योजना बनाई गई है। मंदिर की दीवारों पर जगन्नाथ संस्कृति से जुड़े चित्रों को शामिल करने की तैयारी भी बताई गई है।
गुंडिचा मंदिर का धार्मिक महत्व
गुंडिचा मंदिर को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का प्रमुख पड़ाव माना जाता है। रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा विशाल रथों पर सवार होकर यहां पहुंचते हैं और कुछ दिनों तक यहां निवास करते हैं। इसके बाद बहुदा यात्रा के दौरान वापस मुख्य मंदिर लौटते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार यह स्थान भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर भी माना जाता है। इसी वजह से रथ यात्रा में इस मंदिर की विशेष भूमिका रहती है।
पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मिलेगा लाभ
मरम्मत और विकास कार्य पूरे होने के बाद मंदिर परिसर अधिक व्यवस्थित और आकर्षक दिखाई देगा। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ पुरी के धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
ओडिशा सरकार पुरी को प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कई योजनाओं पर काम कर रही है, जिसमें गुंडिचा मंदिर जैसे ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण शामिल है।
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