Mahashivratri 2026: महाशिवात्रि भगवान शिव और देवी पार्वती की उपासना के लिए अत्यंत शुभ दिन है। इस तिथि पर की गई उपासना का फल साधक को अवश्य प्राप्त होता है। यही नहीं शिव परिवार की असीम कृपा भी साधक के जीवन पर बनी रहती हैं। इस वर्ष 15 फरवरी को महाशिवरात्रि है। इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग का शुभ संयोग बना हुआ है। ऐसे में शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से साधक को मनचाही सफलता मिल सकती हैं। साथ ही शिवलिंग पर कुछ अनाज चढ़ाने से भी धन-धान्य में वृद्धि व आर्थिक लाभ के योग बन सकते हैं। धार्मिक ग्रंथों में शिवलिंग पूजा से लेकर उसपर चढ़ाए जाने वाले सभी अनाजों का विशेष महत्व बताया गया है। इसके प्रभाव से सभी दोषों से मुक्ति मिलती हैं। परंतु क्या आप जानते हैं कि, शिवलिंग पर कौन सा अनाज चढ़ाने से क्या फल मिलता है ? अगर नहीं, तो आइए विस्तार से जानते हैं।
महाशिवरात्रि 4 प्रहर पूजा मुहूर्त :
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - शाम 06:39 से 09:45
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय -शाम 09:45 से 12:52
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - सुबह 12:52 से 03:59
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - सुबह 03:59 से 07:06
चार प्रहर की पूजा में मंत्र जाप :
प्रथम प्रहर का मंत्र- 'ह्रीं ईशानाय नमः'
दूसरे प्रहर मंत्र- 'ह्रीं अघोराय नम:'
तीसरे प्रहर मंत्र- 'ह्रीं वामदेवाय नमः'
चौथे प्रहर मंत्र- 'ह्रीं सद्योजाताय नमः
पूजन के शुभ मुहूर्त:
ब्रह्म मुहूर्त:-प्रातः काल 5:21 से लेकर 6:15 तक
अभिजीत मुहूर्त:-दोपहर 12:13 से लेकर 12:57 तक
गेहूं चढ़ाने से संतान सुख और सौभाग्य बढ़ता है। साथ ही रिश्तों में प्रेम बढ़ता है।
दालें शिवलिंग पर चढ़ाना फलदायी माना गया है। इससे सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, काले तिल शिवलिंग पर चढ़ाने से पापों का नाश होता है। साथ ही सभी तरह के दोषों से राहत मिलती हैं।
काली उड़द दाल चढ़ाने से शनि दोष दूर होता है।
चावल चढ़ाने से भोलेनाथ प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं। साथ ही सुख-शांति बढ़ती हैं।
जौ शिवलिंग पर अर्पित करने से जीवन में स्थिरता आती है। साथ ही धन-धान्य बढ़ता है।
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