Mahashivratri 2026 Mantra : महाशिवरात्रि भगवान शिव को प्रसन्न करने का विशेष दिन है। ऐसी मान्यता है कि अगर कोई व्यक्ति इस दिन पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ इस दिन भगवान शिव की उपासना करता है और मंत्र जप करता है तो भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं। महाशिवरात्रि की रात में भगवान शिव को याद करते हुए भगवान शिव के मंत्रों का जप करते हैं। उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती है। साथ ही भगवान शिव की विशेष कृपा बनी रहती है और विपदा आने पर भी व्यक्ति मुश्किलों से बाहर निकल जाता है। इसलिए महाशिवरात्रि की रात इन मंत्रों का जप जरुर करें। शिवपुराण में भी यह खास मंत्र बताए गए हैं जिनका जप विशेष फलदायी है। आइए विस्तार से जानते हैं इन मंत्रों के बारे में।
भगवान शिव के शक्तिशाली मंत्र
1) ओम साम्ब सदाशिवाय नम:।।
महाशिवरात्रि की रात इस मंत्र का जप कम से कम 108 बार करें। पुराण के अनुसार, इस मंत्र का जप कम से कम 108 बार करने से सुख, सौभाग्य, और संपत्ति की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि इस मंत्र का जप करने से भगवान शिव के साथ साथ माता लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है। वैसे तो आप किसी भी दिन इस मंत्र का जप कर सकते हैं लेकिन, महाशिवरात्रि के दिन इसका जप विशेष फलदायी साबित होगी।
2) 'ओम त्र्यम्‍बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्‍धनान् मृत्‍योर्मुक्षीय मामृतात्।।'
महाशिवरात्रि की रात महामृत्युंजय मंत्र का जप करना भी लाभकारी साबित होता है। यह भगवान शिव का दिव्य मंत्र है। यह मंत्र बहुत ही प्रभावशाली और शुभ फल देने वाला माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंत्र का जप करने से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। यह मंत्र भगवान शिव के सबसे शक्तिशाली मंत्रों में से एक है। महाशिवरात्रि की रात रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का जप करें।
3) "ओम नमः शिवाय"
भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र ओम नम: शिवाय का सबसे ज्यादा जप किया जाने वाला मंत्र है। ऐसी मान्यता है कि इस मंत्र का जप करने वाला इस जीवन में सुख भोगकर अंत में शिव लोक की प्राप्त करता है। साथ ही यह मंत्र शिव भक्त को भगवान शिव से और करीब से जोड़ता है।
4) अच्छे स्वास्थ्य के लिए करें इस मंत्र का जप
सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम्।
भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये ।।
कावेरिकानर्मदयो: पवित्रे समागमे सज्जनतारणाय।
सदैव मान्धातृपुरे वसन्तमोंकारमीशं शिवमेकमीडे।।
भगवान शिव का यह मंत्र जप करने से व्यक्ति को अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त होता है। महाशिवरात्रि की रात इस मंत्र का जप करने से आरोग्य और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। इस मंत्र का जप भी कम से कम 108 बार करें।
108 बार मंत्र जप का क्या लाभ है ?
दरअसल, किसी भी मंत्र का 108 बार जप करने से ब्रह्मांड की वाइब्रेशन के साथ सामंजस्य स्थापित करने में मदद मिलती है। साथ ही 108 बार जप करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 108 बार मंत्र जप करने से व्यक्ति अध्यात्मिक रुप से मजबूत और मानसिक रुप से संतुलित होता है।
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