Ganesh Ji Ki Aarti:गणेश जयंती का पावन पर्व माघ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। कुछ पौराणिक कथाओं अनुसार इस दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था इसलिए ही इस दिन को गणेश जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को माघी गणेश चतुर्थी और माघ विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस बार ये पर्व 22 जनवरी को मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा के समय उनकी आरती करना बिल्कुल भी न भूलें। यहां देखें गणेश जी की आरती के लिरिक्स।
गणेश जी की आरती:
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।।
जय गणेश जय गणेश…
एकदंत दयावंत चार भुजा धारी।
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी।।
जय गणेश जय गणेश…
पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डू के भोग लगे संत करें सेवा।।
जय गणेश जय गणेश…
अंधे को आंख देत कोढिन को काया।
बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया।।
जय गणेश जय गणेश…
‘सूर’ श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।।
जय गणेश जय गणेश…
गणेश जयंती पूजा मंत्र :
1. वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
2. ॐ गं गणपतये नमो नमः
3. एकदन्ताय शुद्घाय सुमुखाय नमो नमः।
प्रपन्न जनपालाय प्रणतार्ति विनाशिने ॥
गणेश जयंती के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 22 जनवरी 2026 की सुबह 11:29 से दोपहर 01:37 बजे तक रहेगा। इस दिन वर्जित चन्द्रदर्शन का समय सुबह 09:22 से 09:19 बजे तक रहेगा। इस दिन चांद के दर्शन करना अशुभ माना जाता है।