Chhath Miracle: कैसे छठ मैया की कृपा से बागेश्वर बाबा का ‘चेला’ हो गया ठीक? सुनाई महिमा की कहानी
Chhath Miracle: बागेश्वर धाम के सरकार धीरेंद्र शास्त्री ने सत्यनारायण कथा के दौरान छठ गीत गाकर श्रद्धालुओं को छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छठी माई की कृपा से हुए चमत्कार का वर्णन किया। आज, व्रत के तीसरे दिन, पूरे देश में छठ पूजा मनाई जा रही है। डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
व्रती महिलाएं शाम को स्नान करके, स्वच्छ वस्त्र धारण करके, बांस के बर्तन में फल, ठेकुआ, नारियल और दीपक रखकर जल में खड़ी होकर "ॐ सूर्याय नमः" मंत्र के साथ सूर्य देव और छठी माई को अर्घ्य देती हैं। इस दौरान भजन गाए जाते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
बाबा बागेश्वर ने क्या कहा?
बागेश्वर महाराज ने छठी माई की महिमा का गुणगान किया। बागेश्वर बाबा ने बताया कि बागेश्वर धाम के सामाजिक प्रभारी केशव मेहता कुछ समय से अस्वस्थ थे। उनकी पत्नी ने बिहार के मधुबनी में छठ माई का व्रत रखने का संकल्प लिया था। वह चाहती थीं कि उनके पति मधुबनी आकर छठ पर्व मनाएँ। यह व्रत पूरा हो गया है।
धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि केशव मेहता की पत्नी ने जब व्रत लिया था, तब उनकी तबियत खराब थी। व्रत लेने के तुरंत बाद ही उनके स्वास्थ्य में सुधार होने लगा और आज वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। वह छठ पर्व मनाने के लिए अपने गृह जनपद मधुबनी गए हैं। यह कथा छठी माई की कृपा से घटित हुई और यह कथा पुरानी नहीं, बल्कि समसामयिक है। इस बीच, छठ पर्व के अवसर पर बागेश्वर बाबा ने अपनी जन्मभूमि से छठी माई के भजन गाकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही इस पर्व का समापन होगा। इसके बाद व्रती महिलाएं प्रसाद ग्रहण करेंगी और अपने परिवार में वितरित करेंगी। छठ पूजा केवल आस्था का पर्व ही नहीं, बल्कि प्रकृति और मानवता के जुड़ाव का भी पर्व है। सूर्य और जल की पूजा के माध्यम से यह पर्व हमें स्वच्छता, अनुशासन और संयम का संदेश देता है।