हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों से जुड़ी कई विशेष परंपराएं हैं। बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में छठ पूजा और जितिया व्रत का विशेष महत्व है। छठ पूजा में नहाय-खाय की परंपरा काफी प्रसिद्ध है, लेकिन बहुत से लोग नहीं जानते कि जितिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत में भी नहाय-खाय का विधान होता है। हालांकि दोनों पर्वों का उद्देश्य, पूजा पद्धति और नहाय-खाय से जुड़े नियम अलग-अलग हैं।
जितिया में नहाय-खाय
जितिया व्रत मुख्य रूप से माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखती हैं। व्रत से पहले नहाय-खाय की परंपरा निभाई जाती है। इस दिन व्रती महिलाएं स्नान करके शुद्ध और सात्विक भोजन ग्रहण करती हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में इससे जुड़ी भोजन परंपराओं में अंतर देखने को मिलता है।
इसके बाद महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। जितिया व्रत को कठिन व्रतों में गिना जाता है क्योंकि व्रती लंबे समय तक भोजन और जल ग्रहण नहीं करतीं। पूजा के दौरान जीमूतवाहन से जुड़ी कथा सुनने की परंपरा भी प्रचलित है।
छठ पूजा का नहाय-खाय
चार दिवसीय छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है। इस दिन व्रती स्नान के बाद शुद्ध भोजन ग्रहण करते हैं। कई क्षेत्रों में अरवा चावल, चने की दाल और कद्दू की सब्जी बनाने की परंपरा है। भोजन तैयार करने से लेकर उसे ग्रहण करने तक शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है।
इसके अगले दिन खरना होता है और फिर निर्जला उपवास के साथ अस्ताचलगामी तथा उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। छठ पूजा मुख्य रूप से सूर्य देव और छठी मैया की आराधना से जुड़ी है।
दोनों में क्या हैं समानताएं?
जितिया और छठ दोनों में नहाय-खाय को व्रत की तैयारी और शुद्धता से जोड़कर देखा जाता है। दोनों पर्वों में स्नान, साफ-सफाई, भोजन की शुद्धता और नियम-संयम का विशेष महत्व है। परिवार की खुशहाली और संतान के कल्याण की कामना भी दोनों परंपराओं में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
सबसे बड़ा अंतर क्या है?
दोनों पर्वों का मुख्य अंतर उनके आराध्य और उद्देश्य में है। जितिया में माताएं विशेष रूप से संतान की दीर्घायु और रक्षा की कामना करते हुए व्रत करती हैं, जबकि छठ में सूर्य देव और छठी मैया की उपासना कर स्वास्थ्य, संतान और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की जाती है। छठ चार दिनों तक चलने वाला महापर्व है, जबकि जितिया की पूजा पद्धति और समयावधि अलग होती है।
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