Chandra Grahan Sutak Kaal: क्या है सूतक काल, साल के आखिरी चंद्र ग्रहण के दौरान कितने घंटे रहेगा यह अशुभ समय

Update: 2025-09-05 04:08 GMT
Chandra Grahan Sutak Kaal: चंद्र ग्रहण रविवार, 7 सितंबर को लगेगा। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, जो शतभिषा नक्षत्र शनि कुंभ राशि में लगने जा रहा है। काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट के अनुसार, भारत में चंद्र ग्रहण का समय रात 9:57 बजे से 11:46 बजे तक है। इस चंद्र ग्रहण का समापन देर रात 1:27 बजे होगा। इस बार चंद्र ग्रहण पर चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देगा, जिसे ब्लड मून कहा जाता है। यह चंद्र ग्रहण 3 घंटे 28 मिनट 2 सेकंड तक रहेगा। चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। आइए जानते हैं कि चंद्र ग्रहण का सूतक काल क्या है? चंद्र ग्रहण का सूतक काल कब शुरू होगा? ग्रहण के सूतक काल में क्या नहीं करना चाहिए?
चंद्र ग्रहण का सूतक काल क्या है?
ज्योतिषाचार्य भट्ट के अनुसार, सूतक काल चंद्र ग्रहण शुरू होने से पहले का समय होता है। सूतक काल को अशुभ समय माना जाता है क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पाप ग्रह राहु और केतु के कारण चंद्रमा ग्रहणग्रस्त होता है। सूतक काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाएगा।
चंद्र ग्रहण का सूतक काल कब शुरू होगा?
पंचांग के अनुसार, 7 सितंबर को लगने वाले चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12:57 बजे शुरू होगा।
चंद्र ग्रहण सूतक काल की समाप्ति
चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण की समाप्ति के साथ ही समाप्त हो जाएगा। सूतक काल रात 1:27 बजे समाप्त होगा।
सूतक काल में क्या न करें?
1. सूतक काल में व्यक्ति को सोना नहीं चाहिए।
2. इस दौरान स्नान, दान, पूजा-पाठ वर्जित है।
3. सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।
4. गर्भवती महिलाओं को सूतक काल में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें चाकू, कैंची, सुई आदि नुकीली वस्तुओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
5. सूतक काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है।
6. बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सूतक काल के नियमों से छूट दी जाती है।
सूतक काल में क्या करें?
1. सूतक काल में अपने इष्ट देव का नाम जपना चाहिए।
2. मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल में मंत्र जाप करने से सिद्धि प्राप्त होती है।
3. गर्भवती महिलाओं को सूतक काल में संतान गोपाल मंत्र या संतान रक्षा मंत्र का जाप करना चाहिए।
सूतक काल के बाद क्या करें?
चंद्र ग्रहण का सूतक काल समाप्त होने पर सबसे पहले घर और मंदिर की सफाई करें। स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। भगवान की पूजा करें और उन्हें भोग लगाएं। ग्रहण काल ​​में रसोई में रखे भोजन में कुशा, दूर्वा या तुलसी के पत्ते डाल सकते हैं। इससे ग्रहण का दोष दूर होता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें और दान करें। स्नान और दान करने से पाप और दोष धुल जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।
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