Amalaki Ekadashi 2026 Upay: आमलकी एकादशी के दिन जरूर करें आंवले के ये उपाय, दूर होगी आर्थिक तंगी
Amalaki Ekadashi 2026 Upay: सनातन धर्म में एकादशी तिथि का खास महत्व है। एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है और व्रत भी रखा जाता है। आमलकी एकादशी हर साल फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। आज आमलकी एकादशी मनाई जा रही है। इसे आंवला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।
इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है और आंवले के पेड़ और उसके फल की भी पूजा की जाती है। आंवले के पेड़ और उसके फल की पूजा का खास महत्व है। माना जाता है कि इस दिन सही विधि-विधान से पूजा करने से एक हजार गायों को दान करने जितना पुण्य मिलता है। इस दिन आंवले से जुड़े खास उपाय किए जाते हैं, जिनसे पैसे की तंगी दूर होने की मान्यता है। आइए इन उपायों के बारे में और जानें।
आमलकी एकादशी पर आंवले के उपाय:
आंवले के पेड़ की पूजा करें और परिक्रमा करें: आमलकी एकादशी पर आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर भगवान विष्णु की पूजा करें। एक लोटे में पानी, कच्चा दूध और रोली मिलाकर पेड़ की जड़ में चढ़ाएं। इसके बाद पेड़ की 21 या 108 बार परिक्रमा करें। इस उपाय से कुंडली के दोष दूर होते हैं और रुके हुए काम पूरे होते हैं।
आंवला दान करें: एकादशी पर आंवला दान करें। इस दिन आंवला दान करना सोने के दान के बराबर माना जाता है। आमलकी एकादशी पर आंवला दान करने से पुण्य मिलता है। इसलिए इस दिन किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को आंवला फल या आंवले का पौधा दान करें।
आंवले के पेड़ की उत्पत्ति:
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आंवले का पेड़ उसी समय उत्पन्न हुआ था जब भगवान विष्णु ने ब्रह्मा को सृष्टि बनाने के लिए बनाया था। इसका कारण यह है कि भगवान विष्णु को आंवला बहुत पसंद है।