Wakf Amendment Bill : 70 साल बनाम मोदी कार्यकाल : बिल का विरोध करने वाले मुसलमान नहीं

Update: 2025-04-02 02:52 GMT

नई दिल्ली | वक्फ संपत्तियों को लेकर केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक पर देशभर में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष जहां इस बिल को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने इसे मुसलमानों के हित में बताया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं, वे मुसलमान नहीं, बल्कि ‘राजनीतिक एजेंडे’ पर काम करने वाले लोग हैं। उनका कहना है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में वक्फ संपत्तियों की बेहतर देखरेख हो रही है, जबकि 70 साल तक इसे लेकर सिर्फ राजनीति होती रही।

विपक्ष पर हमला, मोदी सरकार की तारीफ

शादाब शम्स ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने दशकों तक वक्फ संपत्तियों को सिर्फ वोटबैंक के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन उनके संरक्षण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। उन्होंने मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि "जो लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं, वे यह नहीं चाहते कि वक्फ संपत्तियों का सही इस्तेमाल हो। ये वे लोग हैं जिन्होंने वक्फ संपत्तियों को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया और असली हकदारों को उनका हक नहीं दिया।" उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह बिल मुसलमानों के खिलाफ है तो फिर आम मुस्लिम समाज क्यों इसके समर्थन में खड़ा है?

विधेयक में क्या बदलाव किए गए हैं?

इस बिल में वक्फ संपत्तियों के संरक्षण और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई अहम संशोधन किए गए हैं:

अवैध कब्जों पर सख्ती: अब वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज होगी और सख्त सजा का प्रावधान होगा।

डिजिटल रिकॉर्ड अनिवार्य: सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करना होगा, जिससे गड़बड़ी रोकी जा सके।

विवाद निपटाने के लिए ट्रिब्यूनल: वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों को जल्दी निपटाने के लिए विशेष ट्रिब्यूनल का गठन होगा।

राज्य सरकारों को ज्यादा अधिकार: राज्य सरकारें अब वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीधे हस्तक्षेप कर सकेंगी।

‘पहले वक्फ संपत्तियां लूटी जाती थीं, अब सुरक्षित हो रही हैं’

शादाब शम्स ने कहा कि "पहले वक्फ संपत्तियां राजनीतिक दलों के संरक्षण में लूटी जाती थीं, लेकिन मोदी सरकार में इन्हें सुरक्षित किया जा रहा है।" उन्होंने दावा किया कि अगर यह विधेयक कानून बन जाता है, तो वक्फ बोर्ड की जवाबदेही बढ़ेगी और संपत्तियों का सही उपयोग होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि "पहले की सरकारों ने वक्फ बोर्ड को एक भ्रष्ट तंत्र बना दिया था, जहां पैसे और संपत्तियों का गलत इस्तेमाल होता था। अब पारदर्शी व्यवस्था लागू होने से गरीब और जरूरतमंद मुसलमानों को इनका सही लाभ मिलेगा।"

बयान पर सियासी बवाल

शादाब शम्स के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्षी दलों ने उनके बयान को भाजपा का समर्थन करार दिया और आरोप लगाया कि वे सरकार की भाषा बोल रहे हैं। वहीं, भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों ने उनके बयान को सही ठहराते हुए कहा कि अब मुस्लिम समाज भी सच्चाई समझ रहा है और विकास की राजनीति के साथ खड़ा हो रहा है।

अब देखना होगा कि वक्फ संशोधन विधेयक पर संसद में क्या रुख अपनाया जाता है और क्या यह कानून बन पाता है या नहीं। लेकिन एक बात साफ है कि यह मुद्दा आने वाले समय में और ज्यादा राजनीतिक रंग ले सकता है।

Tags:    

Similar News