लद्दाख के द्रास में मूसलाधार बारिश का कहर
मलबे और फ्लैश फ्लड में फंसे पर्यटकों का पुलिस ने किया रेस्क्यू
Ladakh लद्दाख। लद्दाख के द्रास क्षेत्र में खराब मौसम और अचानक आई बाढ़ जैसी स्थिति के बीच फंसे पर्यटकों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। क्षेत्र में मडस्लाइड (भूस्खलन) और फ्लैश फ्लड की स्थिति बनने के बाद कई पर्यटक रास्ते में फंस गए थे। पुलिस और राहत टीमों ने देर रात अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, द्रास इलाके में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर सड़क मार्ग प्रभावित हुआ। पहाड़ी क्षेत्रों से मलबा गिरने और पानी का तेज बहाव आने से यात्रियों की आवाजाही बाधित हो गई। इस दौरान कई पर्यटक अचानक आई प्राकृतिक आपदा की स्थिति में फंस गए।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने हालात का जायजा लिया और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। रात के समय चलाए गए इस अभियान में पुलिसकर्मियों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, द्रास और आसपास के इलाकों में मौसम तेजी से बदलने के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान अचानक बाढ़, पत्थर गिरने और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है।
रेस्क्यू के दौरान पुलिस टीम ने प्रभावित इलाकों में पहुंचकर पर्यटकों की स्थिति की जानकारी ली और उन्हें सुरक्षित मार्ग से बाहर निकाला। देर रात के अंधेरे और खराब मौसम के बावजूद जवानों ने अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। लद्दाख के पहाड़ी इलाकों में इन दिनों मौसम की अनिश्चितता बनी हुई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें। खासकर पर्यटकों को संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से पहले स्थानीय प्रशासन से जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
द्रास क्षेत्र अपनी ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। यहां अचानक मौसम खराब होने पर सड़क संपर्क प्रभावित हो सकता है। ऐसे में पुलिस और आपदा राहत एजेंसियां लगातार सक्रिय रहती हैं। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और रेस्क्यू किए गए पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। यह घटना एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को दर्शाती है। बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पर्यटकों को स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना बेहद जरूरी है।