Korba. कोरबा। जिले के कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज में हाथियों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। केंदई, एतमानगर और जटगा रेंज में घूम रहे करीब 30 हाथियों का झुंड अब पसान क्षेत्र के लैंगी, मोहनपुर और बनिया तक पहुंच गया है। हाथी अलग-अलग झुंडों में बंटकर पांच से अधिक स्थानों पर घूम रहे हैं। हाथियों की मौजूदगी से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बीती रात हाथियों ने कई ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में लगी धान की फसल को रौंद दिया। हाथियों के झुंड अब दिन के समय भी खेतों में पहुंचकर फसल खा रहे हैं, जबकि रात होते ही गांवों के आसपास पहुंच रहे हैं। इससे किसानों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। खेतों के आसपास हाथियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीण भी वहां जाने से डर रहे हैं।

पसान रेंज में झुंड से अलग होकर घूम रहे एक दंतैल हाथी ने मोहनपुर और पोड़ीकला के बीच जंगल में थुहानाला के पास एक ग्रामीण के कच्चे मकान को निशाना बनाया। दंतैल ने रात के समय मकान को कई जगह से तोड़ दिया। घटना के दौरान मकान मालिक परदेशी अपने परिवार के साथ घर के एक कमरे में मौजूद थे। हाथी के मकान के पास पहुंचने और तोड़फोड़ शुरू करने के बाद पूरा परिवार डर के कारण एक ही कमरे में दुबका रहा। दंतैल के हमले से मकान को काफी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि घटना में परिवार के किसी सदस्य को चोट नहीं आई और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का बड़ा झुंड सामान्य तौर पर गांव के ज्यादा करीब नहीं पहुंचता है, लेकिन झुंड से अलग होकर अकेले घूमने वाले दंतैल हाथियों से खतरा अधिक बना रहता है। पसान रेंज में सक्रिय हाथियों के दल में दो ऐसे हाथी भी शामिल हैं, जो झुंड से अलग-अलग घूम रहे हैं। इन दंतैल हाथियों के लगातार अपना स्थान बदलने के कारण वन विभाग के सामने इनकी निगरानी करना चुनौती बना हुआ है। कभी ये जंगल के अंदर दिखाई देते हैं तो कभी खेतों और गांवों के आसपास पहुंच जाते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को भी विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। हाथियों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। जिन गांवों के आसपास हाथियों की मौजूदगी दर्ज की जा रही है।

वहां विभाग की टीम मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क कर रही है। लोगों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल और हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में नहीं जाने को कहा है। खासतौर पर रात के समय अकेले जंगल या खेतों की ओर जाने से बचने की सलाह दी गई है। विभाग की टीम लगातार हाथियों की लोकेशन पर नजर रख रही है, ताकि उनके गांवों की ओर बढ़ने की स्थिति में ग्रामीणों को समय रहते सतर्क किया जा सके। इधर, कोरबा वनमंडल के करतला रेंज में भी हाथियों की मौजूदगी बनी हुई है। यहां 9 हाथियों का दल बेहरसुआं क्षेत्र में पहुंच गया है। इससे पहले यह दल लबेद और उसके आसपास के इलाके में घूम रहा था। वहीं चिकनीपाली के पहाड़ पर भी 9 हाथियों का एक अन्य दल मौजूद है। इस तरह जिले के अलग-अलग वन क्षेत्रों में हाथियों के कई दल लगातार घूम रहे हैं। हाथियों की मौजूदगी और उनके लगातार स्थान बदलने के कारण वन विभाग को निगरानी बढ़ाने के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना पड़ रहा है।
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