रेड अलर्ट के बीच गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा अस्थायी रूप से रोकी, प्रशासन अलर्ट मोड पर
उत्तरकाशी। मौसम विभाग की ओर से जारी रेड अलर्ट को देखते हुए उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जिले के अंतर्गत हीना और दोबाटा होल्डिंग पॉइंट्स पर गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम की यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए हैं। खराब मौसम और बारिश के कारण यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
जिला प्रशासन ने मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र और स्मार्ट कंट्रोल रूम उत्तरकाशी को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिले की सभी तहसीलों से बारिश और भूस्खलन से संबंधित सूचनाएं लगातार जुटाई जा रही हैं, ताकि किसी भी स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
मौसम विभाग की ओर से रेड अलर्ट जारी होने के बाद जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हीना और दोबाटा होल्डिंग पॉइंट्स पर आगे की यात्रा फिलहाल रोक दी गई है।
हीना और दोबाटा में रोके गए यात्री
जिलाधिकारी के निर्देश के अनुसार गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम की ओर जाने वाले यात्रियों को हीना और दोबाटा होल्डिंग पॉइंट्स पर अस्थायी रूप से रोका जा रहा है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन आगे की यात्रा को लेकर निर्णय करेगा।
उत्तरकाशी जिला पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण बारिश के दौरान कई स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बना रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मौसम विभाग के रेड अलर्ट के मद्देनजर यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है। प्रशासन का पूरा ध्यान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मौसम से उत्पन्न होने वाली संभावित परिस्थितियों पर नजर रखने पर है।
जिले में बारिश और भूस्खलन से संबंधित सूचनाएं प्राप्त करने के लिए सभी तहसीलों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है। किसी क्षेत्र में बारिश के कारण परेशानी या भूस्खलन की सूचना मिलने पर उसकी जानकारी तत्काल जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र तक पहुंचाई जा रही है।
स्मार्ट कंट्रोल रूम अलर्ट मोड पर
जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र और स्मार्ट कंट्रोल रूम उत्तरकाशी को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। यहां से जिले के अलग-अलग हिस्सों में मौसम और उससे जुड़ी परिस्थितियों की निगरानी की जा रही है। सभी तहसीलों से वर्षा और भूस्खलन की स्थिति के संबंध में लगातार सूचनाएं प्राप्त की जा रही हैं।
प्रशासन की ओर से इन सूचनाओं के आधार पर स्थिति का लगातार आकलन किया जा रहा है। खास तौर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा से जुड़े क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। खराब मौसम के बीच किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन तकनीक की मदद से भी दोनों धामों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लाइव सीसीटीवी के माध्यम से गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम की लगातार निगरानी की जा रही है। इससे प्रशासन को दोनों धामों और आसपास की परिस्थितियों की जानकारी मिल रही है।
लाइव सीसीटीवी से दोनों धामों की निगरानी
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के लाइव फीड के माध्यम से प्रशासन वहां की स्थिति पर नजर रख रहा है। मौसम में होने वाले बदलाव और यात्रा से संबंधित गतिविधियों की निगरानी स्मार्ट कंट्रोल रूम से की जा रही है।
इसके अलावा तहसील स्तर से मिलने वाली सूचनाओं को भी लगातार अपडेट किया जा रहा है। वर्षा और भूस्खलन से संबंधित जानकारी प्राप्त होते ही प्रशासन स्थिति की समीक्षा कर रहा है। रेड अलर्ट के दौरान प्रशासन की कोशिश है कि यात्रियों को किसी भी संभावित जोखिम वाले क्षेत्र में आगे न बढ़ने दिया जाए।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश के बाद संबंधित विभागों और प्रशासनिक अमले को सतर्क कर दिया गया है। हीना और दोबाटा होल्डिंग पॉइंट्स पर यात्रा रोकने का फैसला भी सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है। मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा से जुड़े आगे के फैसले लिए जाएंगे।
फिलहाल जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र और स्मार्ट कंट्रोल रूम लगातार सक्रिय हैं। सभी तहसीलों से बारिश एवं भूस्खलन की सूचनाएं ली जा रही हैं और गंगोत्री तथा यमुनोत्री धाम की लाइव सीसीटीवी के जरिए निगरानी जारी है। प्रशासन मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।