Varanasi वाराणसी। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर का असर वाराणसी के घाटों पर दिखाई देने लगा है। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती के स्थान को करीब 10 फीट पीछे कर दिया है। गंगा का पानी लगातार बढ़ने की स्थिति में आरती स्थल को और पीछे शिफ्ट किया जा सकता है। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण काशी के सभी 84 घाटों के बीच संपर्क भी प्रभावित हुआ है। कई घाटों के निचले हिस्से में पानी पहुंचने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही में परेशानी बढ़ गई है। प्रशासन और घाटों से जुड़े लोगों की ओर से जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दशाश्वमेध घाट पर प्रतिदिन होने वाली गंगा आरती देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण अब आरती का आयोजन घाट के सामान्य स्थान से करीब 10 फीट पीछे किया जा रहा है। यदि नदी का पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो आयोजन स्थल को दोबारा पीछे करने की जरूरत पड़ सकती है। गंगा आरती के स्थान में बदलाव ऐसे समय हुआ है जब सावन के दूसरे सोमवार को लेकर वाराणसी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। सावन के सोमवार पर काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और गंगा स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाराणसी पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों के बीच संपर्क प्रभावित होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। विशेष रूप से श्रद्धालुओं से नदी के बढ़े हुए जलस्तर और तेज बहाव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।गंगा के जलस्तर में आगे होने वाली वृद्धि को देखते हुए प्रशासन स्थिति की निगरानी कर रहा है। जरूरत पड़ने पर गंगा आरती के आयोजन स्थल में फिर बदलाव किया जा सकता है। वहीं घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आवाजाही को लेकर भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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