सरकार ने पॉलिसी में संशोधन कर 15 साल तय की संचालन की अवधि

Update: 2026-08-01 10:28 GMT
शिमला। प्रदेश में अलॉट हुई ईको टूरिज्म साइट्स के संचालकों को संशोधित पॉलिसी का लाभ कैबिनेट के फैसले पर ही मिल सकेगा। इसके लिए संचालकों को सबसे पहले विभाग के समक्ष इस संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत करने पडेंग़े। इसके बाद मामला राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। लिहाजा कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के उपरांत ही संचालकों को संशोधित पॉलिसी के तहत साइट्स के संचालन की बढ़ी अवधि का लाभ मिल सकेगा। जानकारी के अनुसार राज्य में वन विभाग ने अभी तक 17 ईको टूरिज्म साइट्स को चार चरणों में आबंटित किया है। इनमें विभाग के शिमला सर्किल की दो, कुल्लू और धर्मशाला की छह, रामपुर सर्किल दो तथा चंबा की एक साइट्स शामिल है। विभाग की पॉलिसी के तहत इन साइट्स को संचालकों के लिए दस वर्षों की अवधि के लिए अलॉट किया गया है, जबकि बेहतरीन परफॉर्मेंस और अन्य पहलुओं पर खरा उतरने पर इन्हें पांच वर्ष की एक्सटेंशन
मिल सकेगी।

उधर, राज्य सरकार ने ईको टूरिज्म पॉलिसी में जून माह में संशोधन किया है। इसके तहत भविष्य में अलॉट की जाने वाली साइट्स संचालकों को 10 के बजाय 15 वर्ष की अवधि के लिए दिया जाएगा, जबकि पांच वर्ष की एक्सटेंशन की व्यवस्था की है। उधर, वन विभाग का कहना है कि इस संशोधन से पहले प्रदेश में 17 साइट्स को अलॉट किया जा चुका है। विभाग का कहना है कि इन संचालकों को अलॉट साइट्स पर गतिविधियों के संचालन के लिए संशोधित पॉलिसी के अनुसार समयावधि का लाभ नहीं मिल पाएगा। संचालकों को एक रिप्रजेंटेशन विभाग को देनी होगी, जिस पर राज्य स्तरीय ईको टूरिज्म सोसायटी विभाग के माध्यम से मामले को सरकार को भेजेगी। लिहाजा कैबिनेट में प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही संचालकों को इसका लाभ मिलेगा।
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