उत्तर प्रदेश: संभल हिंसा मामले में न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने आयोग की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए इसे गलत बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विधानसभा के मानसून सत्र में रिपोर्ट पेश कर चुनावी माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। बर्क ने कहा कि अगर रिपोर्ट में पीड़ित पक्ष के साथ हुए कथित अन्याय को नजरअंदाज किया गया है तो वह इसके खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने शनिवार को संभल के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि संभल हिंसा की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट करीब एक साल पहले ही सरकार को सौंप दी थी। अब इसे विधानसभा सत्र में पेश करने का फैसला राजनीतिक उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे को दोबारा उठाकर चुनावी माहौल तैयार करना चाहती है।
बर्क ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि जो रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी, उसमें कई तथ्य सही तरीके से शामिल नहीं किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में उनके समुदाय और प्रभावित लोगों के साथ हुए कथित अत्याचारों का जिक्र नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वह इस रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद कानूनी रास्ता अपनाएंगे और जरूरत पड़ी तो हाई कोर्ट में चुनौती देंगे।
वहीं, सपा सांसद ने वंदे मातरम को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह इस राष्ट्रीय गीत का विरोध करते हैं और आगे भी करते रहेंगे। बर्क ने दावा किया कि गीत के कुछ शब्द उनकी धार्मिक भावनाओं से मेल नहीं खाते हैं। उन्होंने कहा कि जन-गण-मन राष्ट्रगान है और इसे सभी धर्मों के लोग स्वीकार करते हैं और सम्मान देते हैं।
सांसद ने रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय को लेकर चल रही कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इसे गलत बताते हुए कहा कि संस्थान के खिलाफ की जा रही कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष तरीके से पूरे मामले को देखने की मांग की।
दिल्ली संसद परिसर में बिहार के सांसद पप्पू यादव द्वारा चंदा चोरी के आरोपों को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन पर भी जियाउर्रहमान बर्क ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। किसी भी दोषी व्यक्ति को बचाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में निष्पक्ष जांच जरूरी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी किए गए एक वीडियो और जंतर-मंतर पर युवाओं के प्रदर्शन को लेकर भी बर्क ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में बच्चे अपने अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे और समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी रही है।
गौरतलब है कि संभल हिंसा मामले की न्यायिक जांच रिपोर्ट को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में लगातार बयानबाजी जारी है। सरकार जहां रिपोर्ट को महत्वपूर्ण दस्तावेज बता रही है, वहीं विपक्ष इसे लेकर सवाल उठा रहा है। विधानसभा के मानसून सत्र में रिपोर्ट पेश होने के