ई-रिक्शा सवार महिला से आईफोन-18 प्रो छीनने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली पुलिस ने ई-रिक्शा में सफर कर रही महिला से नया आईफोन-18 प्रो छीनने की घटना का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी और झपटमारी से जुड़े बताए जा रहे पांच मोबाइल फोन और बिना नंबर प्लेट की एक अपाचे बाइक बरामद की गई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर उनकी अन्य घटनाओं में संलिप्तता का पता लगाने में जुटी है।
एसीपी सेंट्रल नोएडा कृष्णकांत के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सलमान उर्फ सुहैल, अजाज उर्फ अज्जू उर्फ सोनू और नईम के रूप में हुई है। सलमान और अजाज मूल रूप से बुलंदशहर के रहने वाले हैं, जबकि नईम गाजियाबाद का रहने वाला है। तीनों वर्तमान में पिलखुवा में रह रहे थे।
पुलिस के मुताबिक महिला से मोबाइल छीनने की घटना सामने आने के बाद बिसरख कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया गया और आखिरकार तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया।
ई-रिक्शा में बैठी महिला को बनाया था निशाना
मामला उस समय सामने आया था जब महिला ई-रिक्शा में सवार होकर जा रही थी। इसी दौरान बदमाशों ने मौका देखकर महिला का नया आईफोन-18 प्रो छीन लिया और मौके से फरार हो गए।
अचानक हुई वारदात से महिला घबरा गई। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। महंगे मोबाइल फोन की झपटमारी को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की।
ऐसी घटनाओं में बाइक सवार बदमाश अक्सर चलते वाहनों या सड़क किनारे मोबाइल इस्तेमाल कर रहे लोगों को निशाना बनाते हैं। पुलिस ने इस मामले में भी घटनास्थल और आसपास की गतिविधियों से जुड़े सुराग जुटाए।
तीन आरोपियों तक पहुंची पुलिस
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को सलमान, अजाज और नईम के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद तीनों को पकड़ने के लिए कार्रवाई की गई।
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की तलाशी और उनके कब्जे से मिली सामग्री की जांच में पांच मोबाइल फोन बरामद हुए। इसके अलावा बिना नंबर प्लेट वाली अपाचे मोटरसाइकिल भी पुलिस ने कब्जे में ली है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद मोबाइल फोन किन-किन घटनाओं से जुड़े हैं और उनके वास्तविक मालिक कौन हैं।
बिना नंबर की अपाचे बाइक बरामद
आरोपियों के पास से बिना नंबर की अपाचे बाइक मिलने के बाद पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। बाइक के दस्तावेज और स्वामित्व से जुड़ी जानकारी की पड़ताल की जा रही है।
बिना नंबर प्लेट वाले वाहन का इस्तेमाल पहचान छिपाने के उद्देश्य से किया गया था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।
पुलिस के लिए बाइक की जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि इससे आरोपियों की आवाजाही और दूसरी संभावित वारदातों से जुड़े सुराग मिल सकते हैं।
पांच मोबाइल फोन मिले
तीनों आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन बरामद होना भी जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस इन मोबाइल फोन का रिकॉर्ड खंगालकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे कहां से आए और किन लोगों के हैं।
अगर मोबाइल फोन दूसरी झपटमारी या चोरी की घटनाओं से जुड़े पाए जाते हैं तो आरोपियों के खिलाफ अन्य मामलों में भी कार्रवाई हो सकती है।
इसके लिए संबंधित थानों में दर्ज मोबाइल चोरी और झपटमारी की शिकायतों से बरामद फोन की जानकारी का मिलान किया जा सकता है।
अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं आरोपी
पुलिस के अनुसार सलमान उर्फ सुहैल और अजाज उर्फ अज्जू उर्फ सोनू बुलंदशहर के रहने वाले हैं। तीसरा आरोपी नईम मूल रूप से गाजियाबाद का निवासी है।
तीनों फिलहाल पिलखुवा में रह रहे थे। पुलिस अब इनके संपर्कों और गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि तीनों कब से एक-दूसरे के संपर्क में थे और क्या उन्होंने मिलकर अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया है।
मोबाइल झपटमारी पर पुलिस की नजर
नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे व्यस्त इलाकों में मोबाइल झपटमारी की घटनाओं को रोकना पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनी रहती है। बाजार, मुख्य सड़क, बस स्टॉप और सार्वजनिक परिवहन में सफर करने वाले लोग ऐसे अपराधियों के निशाने पर आ सकते हैं।
विशेष रूप से चलते ई-रिक्शा या ऑटो में किनारे बैठकर मोबाइल इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत होती है। बाइक सवार बदमाश अचानक पास आकर मोबाइल छीनकर फरार हो सकते हैं।
इस मामले में भी महिला ई-रिक्शा में सवार थी, तभी उसका महंगा फोन छीन लिया गया।
अन्य वारदातों का पता लगाने की कोशिश
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच केवल एक घटना तक सीमित नहीं है। बरामद पांच मोबाइल फोन के कारण दूसरी घटनाओं से भी इनके तार जुड़ने की संभावना की जांच की जा रही है।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि चोरी या छीने गए मोबाइल फोन को आगे कहां बेचा जाता था और क्या इनके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए थे।
मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री से जुड़े संभावित नेटवर्क की जानकारी भी जांच के दौरान सामने आ सकती है।
गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश
अगर पूछताछ में आरोपियों के किसी अन्य साथी या मोबाइल फोन खरीदने वाले व्यक्ति का नाम सामने आता है तो पुलिस जांच का दायरा बढ़ा सकती है।
बरामद मोबाइल फोन और बाइक की तकनीकी तथा दस्तावेजी जांच से भी पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल बिसरख कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर महिला से मोबाइल छीनने की घटना के खुलासे का दावा किया है।
सलमान उर्फ सुहैल, अजाज उर्फ अज्जू उर्फ सोनू और नईम की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने पांच मोबाइल फोन और बिना नंबर की अपाचे बाइक बरामद की है। अब पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और दूसरी संभावित वारदातों में उनकी भूमिका की जांच कर रही है।